भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने 10 सितंबर 2025 को भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण अधिनियम, 1997 की धारा 12 के तहत एक आदेश जारी कर सभी वितरण प्लेटफ़ॉर्म ऑपरेटरों (DPO) को प्रसारण सेवाओं के लिए मासिक और त्रैमासिक आधार पर प्रदर्शन निगरानी रिपोर्ट (PMR) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। यह निर्देश चारों श्रेणियों के DPO — डायरेक्ट-टू-होम (DTH) ऑपरेटरों, मल्टी सिस्टम ऑपरेटरों (MSO), हेडएंड-इन-द-स्काई (HITS) ऑपरेटरों और इंटरनेट प्रोटोकॉल टेलीविज़न (IPTV) ऑपरेटरों पर लागू होता है। TRAI ने इससे पहले 24 जुलाई 2008 के आदेश में DTH ऑपरेटरों को त्रैमासिक PMR प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। जून 2019 में रिपोर्टिंग की यह आवश्यकता संशोधित कर MSO और HITS ऑपरेटरों तक बढ़ा दी गई थी। मौजूदा आदेश संशोधित टैरिफ आदेश, इंटरकनेक्शन विनियमों और सेवा गुणवत्ता विनियमों को देखते हुए रिपोर्टिंग प्रारूपों में बदलाव करता है। नए ढांचे के तहत सभी DPO को निर्धारित अनुलग्नक-I प्रारूप में मासिक प्रदर्शन निगरानी रिपोर्ट (M-PMR) प्रत्येक माह की समाप्ति के दस दिनों के भीतर और अनुलग्नक-II प्रारूप में त्रैमासिक प्रदर्शन निगरानी रिपोर्ट (Q-PMR) प्रत्येक तिमाही की समाप्ति के पंद्रह दिनों के भीतर प्रस्तुत करनी होगी। जिन DPO का सक्रिय ग्राहक आधार पिछले वित्त वर्ष के अंतिम दिन तक तीस हजार से अधिक नहीं है, उनके लिए Q-PMR जमा करना वैकल्पिक है। यह रिपोर्टिंग ढांचा अनुपालन निगरानी, पारदर्शिता, उपभोक्ता हित संरक्षण और प्रसारण व केबल टीवी सेवा क्षेत्र की व्यवस्थित वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया गया है। आदेश में स्पष्टीकरण के लिए प्रमुख सलाहकार (प्रसारण व केबल सेवा) श्री अभय शंकर वर्मा को संपर्क बिंदु बनाया गया है। यह आदेश भारत के प्रसारण क्षेत्र में पारदर्शिता और उपभोक्ता संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण नियामक कदम है, जो RAS परीक्षा के लिए शासन व नियामक निकायों के विषय क्षेत्र से जुड़ा है।