प्रकाशित: 2 अप्रैल 2026Reutersअंतरराष्ट्रीय
पश्चिम एशिया संकट के बीच रूस ने भारत को कच्चे तेल और LNG आपूर्ति बढ़ाने का प्रस्ताव दिया
पश्चिम एशिया संकट से वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुए हैं। इसी बीच रूस ने भारत को कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की आपूर्ति काफी बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव भारतीय और रूसी ऊर्जा अधिकारियों के बीच उच्च-स्तरीय चर्चा के दौरान रखा गया, जिसमें रूस ने रियायती दरों पर दीर्घकालिक आपूर्ति समझौतों की बात कही।
भारत 2022 से रूसी कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदारों में से एक बन गया है और आयात प्रतिदिन 20 लाख बैरल से अधिक तक पहुंच गया है। नए प्रस्ताव में उत्तरी समुद्री मार्ग से LNG आपूर्ति बढ़ाना और वैकल्पिक भुगतान तंत्र के जरिए अतिरिक्त कच्चे तेल की डिलीवरी शामिल है। रूसी कच्चा तेल वर्तमान में भारत के कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 35-40% है। यह प्रस्ताव भारत की ऊर्जा विविधीकरण रणनीति के अनुरूप है, हालांकि रूसी ऊर्जा निर्यात पर पश्चिमी प्रतिबंधों को देखते हुए इससे राजनयिक चुनौतियां भी खड़ी होती हैं। भारत ने कहा है कि वह अपनी 1.4 अरब आबादी के लिए जहां सबसे अच्छा सौदा मिलेगा, वहां से ऊर्जा खरीदना जारी रखेगा।
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प्रश्न: पश्चिम एशिया संकट के बीच रूस द्वारा भारत को कच्चे तेल एवं एलएनजी आपूर्ति बढ़ाने के प्रस्ताव का भारत की ऊर्जा विविधीकरण रणनीति एवं भू-राजनीतिक विवशताओं के संदर्भ में मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
पश्चिम एशिया संकट के बीच रूस ने भारत को कच्चा तेल एवं एलएनजी आपूर्ति बढ़ाने का प्रस्ताव दिया। 2022 से रूसी आपूर्ति 20 लाख बैरल प्रतिदिन पार कर चुकी है, जो भारत के कुल आयात का 35-40% है। 1.4 अरब नागरिकों के लिए किफ़ायती ऊर्जा और पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच संतुलन ही सामरिक ऊर्जा स्वायत्तता तय करता है।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
भारत के कुल कच्चे तेल आयात का कितना प्रतिशत रूस से आता है?
व्याख्या · सही उत्तर Cरूसी कच्चा तेल वर्तमान में भारत के कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 35-40% है।