पश्चिम एशिया संकट से वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुए हैं। इसी बीच रूस ने भारत को कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की आपूर्ति काफी बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव भारतीय और रूसी ऊर्जा अधिकारियों के बीच उच्च-स्तरीय चर्चा के दौरान रखा गया, जिसमें रूस ने रियायती दरों पर दीर्घकालिक आपूर्ति समझौतों की बात कही।

भारत 2022 से रूसी कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदारों में से एक बन गया है और आयात प्रतिदिन 20 लाख बैरल से अधिक तक पहुंच गया है। नए प्रस्ताव में उत्तरी समुद्री मार्ग से LNG आपूर्ति बढ़ाना और वैकल्पिक भुगतान तंत्र के जरिए अतिरिक्त कच्चे तेल की डिलीवरी शामिल है। रूसी कच्चा तेल वर्तमान में भारत के कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 35-40% है। यह प्रस्ताव भारत की ऊर्जा विविधीकरण रणनीति के अनुरूप है, हालांकि रूसी ऊर्जा निर्यात पर पश्चिमी प्रतिबंधों को देखते हुए इससे राजनयिक चुनौतियां भी खड़ी होती हैं। भारत ने कहा है कि वह अपनी 1.4 अरब आबादी के लिए जहां सबसे अच्छा सौदा मिलेगा, वहां से ऊर्जा खरीदना जारी रखेगा।