RBI की 'भारत में बैंकिंग की प्रवृत्ति और प्रगति रिपोर्ट 2024-25' अर्थव्यवस्था और बैंकिंग क्षेत्र की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 36(2) के तहत जारी होने वाली वैधानिक रिपोर्ट है। परीक्षा की दृष्टि से इससे बैंकिंग संरचना, क्रेडिट वृद्धि, निवेश और बैंक धोखाधड़ी जैसे विषय एक साथ कवर होते हैं। भारत की बैंकिंग संरचना में 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, 21 निजी क्षेत्र के बैंक, 44 विदेशी बैंक, 11 लघु वित्त बैंक, 6 भुगतान बैंक, 43 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और 2 स्थानीय क्षेत्र बैंक शामिल हैं। इससे प्रारंभिक परीक्षा में संस्थाओं और आंकड़ों से जुड़े प्रश्न बन सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में बैंकों की समेकित बैलेंस शीट 11.2% बढ़ी, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में यह वृद्धि 15.5% थी। यानी बैंकिंग कारोबार बढ़ा, पर वृद्धि की रफ्तार पिछले वर्ष की तुलना में धीमी रही। इसी अवधि में बैंक क्रेडिट 11.5% और निवेश 9.2% बढ़े। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की हिस्सेदारी 55.2% से घटकर 54.9% हो गई, इसलिए यह बैंकिंग क्षेत्र में उनकी बदलती हिस्सेदारी याद रखने के लिए उपयोगी तथ्य है। अप्रैल-सितंबर वित्त वर्ष 2025-26 में बैंक धोखाधड़ी के 5,092 मामले दर्ज हुए और धोखाधड़ी की राशि 30% बढ़कर ₹21,515 करोड़ हो गई। इसी वजह से बैंक धोखाधड़ी भी इस अपडेट का एक परीक्षा-उपयोगी टॉपिक है। स्टैटिक जीके में RBI, बैंकिंग विनियमन, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और भुगतान बैंक जैसे टॉपिक इससे जोड़े जा सकते हैं।