AIIMS नई दिल्ली ने सरकारी अस्पताल में भारत के पहले रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट की सफलता की घोषणा की। गुर्दा विफलता से जूझ रहे 45 वर्षीय मरीज पर दा विंची Xi सर्जिकल सिस्टम का उपयोग कर यह प्रक्रिया की गई, जिससे बेहतर सटीकता और 3D विजुअलाइजेशन मिला।

सर्जरी लगभग चार घंटे चली। मुख्य ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. वीरेंद्र बंसल ने ऑपरेशन का नेतृत्व किया। मरीज का क्रिएटिनिन 1.2 तक सामान्य हुआ और 10 दिन बाद छुट्टी दी गई। तब से AIIMS में चार और रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट हुए हैं, जिनकी लागत लगभग ₹25,000 रही — निजी अस्पतालों में ₹20 लाख की तुलना में।