24 जनवरी परीक्षा की दृष्टि से दो अलग-अलग लेकिन याद रखने योग्य घटनाओं से जुड़ी तारीख है। इस दिन राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य बालिकाओं के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को केंद्र में लाना है। महिला और बाल विकास मंत्रालय ने 2008 में इस दिवस की शुरुआत बालिकाओं के सामने आने वाली असमानताओं पर जागरूकता बढ़ाने के लिए की थी। इसलिए यह विषय सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं से जुड़े प्रश्नों में उपयोगी बनता है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे कार्यक्रमों के साथ इसका संबंध भी समझना चाहिए, क्योंकि ऐसे विषयों में नीति के उद्देश्य और सामाजिक संकेतकों पर सीधे प्रश्न पूछे जा सकते हैं।

इसी तारीख को उत्तर प्रदेश अपना स्थापना दिवस भी मनाता है। इस क्षेत्र का आधिकारिक नाम 24 जनवरी 1950 को उत्तर प्रदेश रखा गया था; इससे पहले इसे संयुक्त प्रांत कहा जाता था। उत्तर प्रदेश के नामकरण और राज्य-स्थापना को 2026 में 76 वर्ष पूरे हो गए। उत्तर प्रदेश भारत का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है और लोकसभा में 80 सीटों के कारण राष्ट्रीय राजनीति में उसका विशेष महत्व है। परीक्षा की दृष्टि से यह तथ्य भारतीय राजव्यवस्था, संघीय ढांचे, राज्य पुनर्गठन, जनसांख्यिकी और अर्थव्यवस्था से जुड़ता है। इसी कारण 24 जनवरी को केवल एक तारीख की तरह नहीं, बल्कि महिला-कल्याण और राज्य-विशेष सामान्य ज्ञान के संयुक्त संदर्भ के रूप में पढ़ना चाहिए। प्रीलिम्स में तारीख, संस्था, वर्ष और राज्य-तथ्य पूछे जा सकते हैं, जबकि मुख्य परीक्षा में बालिका शिक्षा, लैंगिक समानता और बड़े राज्यों की राजनीतिक भूमिका पर विश्लेषणात्मक उपयोग हो सकता है।