विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पश्चिम बंगाल, भारत में निपाह वायरस प्रकोप पर लगभग 30 जनवरी 2026 को एक स्थिति रिपोर्ट जारी की।

जनवरी 2026 की शुरुआत में पश्चिम बंगाल में प्रकोप की पहचान हुई और एक राष्ट्रीय संयुक्त प्रकोप प्रतिक्रिया टीम (NJORT) पश्चिम बंगाल भेजी गई। पुष्ट मामलों से जुड़े कुल 196 संपर्कों की पहचान कर उनका पता लगाया गया, निगरानी और जांच की गई; सभी में कोई लक्षण नहीं मिले, निपाह जांच में सभी नकारात्मक रहे और उस समय कोई अतिरिक्त मामला नहीं मिला। WHO के अनुसार ऊष्मायन काल सामान्यतः 3-14 दिन है, दुर्लभ मामलों में 45 दिन तक हो सकता है।

निपाह वायरस (NiV) एक जूनोटिक रोगाणु है — Pteropus वंश के फल-खाने वाले चमगादड़ों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है — जो मनुष्यों में गंभीर एन्सेफलाइटिस और श्वसन बीमारी उत्पन्न करता है। मामलों में मृत्यु दर 40-75% तक होती है, इसलिए यह WHO की प्राथमिकता रोगाणुओं की सूची में है।

WHO की रिपोर्ट में बताया गया कि जांच वन हेल्थ के समन्वित दृष्टिकोण से की गई और निगरानी को मजबूत किया गया — यह दृष्टिकोण मानव, पशु और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के परस्पर संबंध को स्वीकार करता है, ताकि स्पिलओवर घटनाओं का शीघ्र पता लगाया जा सके।