प्रकाशित: 29 जनवरी 2026WHO / CDCस्वास्थ्य
निपाह वायरस पश्चिम बंगाल: WHO स्थिति रिपोर्ट — प्रकोप नियंत्रित; वन हेल्थ निगरानी की सिफारिश
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पश्चिम बंगाल, भारत में निपाह वायरस प्रकोप पर लगभग 30 जनवरी 2026 को एक स्थिति रिपोर्ट जारी की।
जनवरी 2026 की शुरुआत में पश्चिम बंगाल में प्रकोप की पहचान हुई और एक राष्ट्रीय संयुक्त प्रकोप प्रतिक्रिया टीम (NJORT) पश्चिम बंगाल भेजी गई। पुष्ट मामलों से जुड़े कुल 196 संपर्कों की पहचान कर उनका पता लगाया गया, निगरानी और जांच की गई; सभी में कोई लक्षण नहीं मिले, निपाह जांच में सभी नकारात्मक रहे और उस समय कोई अतिरिक्त मामला नहीं मिला। WHO के अनुसार ऊष्मायन काल सामान्यतः 3-14 दिन है, दुर्लभ मामलों में 45 दिन तक हो सकता है।
निपाह वायरस (NiV) एक जूनोटिक रोगाणु है — Pteropus वंश के फल-खाने वाले चमगादड़ों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है — जो मनुष्यों में गंभीर एन्सेफलाइटिस और श्वसन बीमारी उत्पन्न करता है। मामलों में मृत्यु दर 40-75% तक होती है, इसलिए यह WHO की प्राथमिकता रोगाणुओं की सूची में है।
WHO की रिपोर्ट में बताया गया कि जांच वन हेल्थ के समन्वित दृष्टिकोण से की गई और निगरानी को मजबूत किया गया — यह दृष्टिकोण मानव, पशु और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के परस्पर संबंध को स्वीकार करता है, ताकि स्पिलओवर घटनाओं का शीघ्र पता लगाया जा सके।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
निपाह वायरस के संदर्भ में WHO द्वारा उल्लिखित वन हेल्थ दृष्टिकोण क्या है?
वन हेल्थ दृष्टिकोण मानव, पशु और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के आपसी संबंध को स्वीकार करता है। WHO ने बताया कि पश्चिम बंगाल निपाह प्रकोप की जाँच वन हेल्थ के समन्वित दृष्टिकोण से की गई, तथा स्पिलओवर घटनाओं का जल्दी पता लगाने के लिए निगरानी मजबूत की गई।
NJORT क्या है और इसकी क्या भूमिका रही?
NJORT भारत की कई एजेंसियों वाली प्रकोप प्रतिक्रिया संस्था है। निपाह प्रकोप की पहचान के बाद एक राष्ट्रीय संयुक्त प्रकोप प्रतिक्रिया टीम पश्चिम बंगाल भेजी गई, जिसने पुष्ट मामलों की जाँच और संपर्क अनुरेखण में सहयोग किया।
निपाह वायरस WHO की प्राथमिकता रोगाणु सूची में क्यों है?
निपाह की मामला मृत्यु दर 40-75% है, कोई अनुमोदित टीका या एंटीवायरल नहीं है, मानव-से-मानव संचरण की क्षमता है और चमगादड़ों से जूनोटिक स्पिलओवर का जोखिम है। ये विशेषताएँ इसे महामारी के जोखिम वाला रोगाणु बनाती हैं।
निपाह वायरस मनुष्यों में कैसे संचरित होता है?
निपाह वायरस फलाहारी चमगादड़ों (Pteropus वंश) से सीधे संपर्क, चमगादड़ों से दूषित भोजन (खजूर का रस, कच्चा फल) खाने या एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के करीबी संपर्क से फैलता है।
पश्चिम बंगाल निपाह प्रकोप में 196 संपर्कों की निगरानी का क्या परिणाम रहा?
WHO के अनुसार, निपाह के पुष्ट मामलों से जुड़े 196 संपर्कों की पहचान की गई, उनका पता लगाया गया, निगरानी रखी गई और जाँच की गई। सभी में लक्षण नहीं थे और जाँच नकारात्मक रही; उस समय कोई अतिरिक्त मामला नहीं मिला।