अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी 9 अक्टूबर 2025 को एक सप्ताह की आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंचे। अगस्त 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद किसी वरिष्ठ तालिबान नेता की यह पहली भारत यात्रा थी। प्रतिबंधित अधिकारी होने के कारण इस यात्रा के लिए उन्हें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से विशेष यात्रा छूट लेनी पड़ी। वार्ता के दौरान भारत ने काबुल में अपने तकनीकी मिशन को पूर्ण दूतावास में बदलने की घोषणा की। मुत्तकी ने भारत को आश्वासन दिया कि अफगानी धरती का उपयोग किसी भी देश के खिलाफ नहीं होगा। भारत-अफगानिस्तान वार्ता विकास सहयोग, कनेक्टिविटी, मानवीय सहायता और व्यापार सुविधा पर केंद्रित रही। यह यात्रा भारत की व्यावहारिक अफगान नीति में बदलाव के रूप में देखी जा रही है, जिसके पीछे काबुल में पाकिस्तानी प्रभाव का मुकाबला करने और 3 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के भारत के विकास-सहयोग पोर्टफोलियो को बनाए रखने की जरूरत है।