पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने 25 अप्रैल 2026 को कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने देश के कई हिस्सों में बढ़ते तापमान और सामान्य से अधिक गर्मी को देखते हुए लू से संबंधित विस्तृत दिशानिर्देश और परामर्श जारी किए हैं। ताजा आकलन के अनुसार उत्तर-पश्चिम, मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के अनेक हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच था। विज्ञप्ति में सबसे अधिक तापमान राजस्थान के श्रीगंगानगर में 44.5 डिग्री सेल्सियस बताया गया। कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक ऊपर दर्ज हुआ, जिससे गर्मी से जुड़ी तनावपूर्ण स्थिति बनने का संकेत मिला।
विभाग ने कहा कि आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान तथा मध्य भारत के अलग-अलग हिस्सों में लू की स्थितियां बनने की बहुत संभावना है। तटीय और पूर्वी क्षेत्रों में गर्म और उमस भरा मौसम अपेक्षित था, जबकि उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में गर्म रातें असुविधा और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकती थीं। 27 अप्रैल तक उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव अपेक्षित नहीं था, उसके बाद धीरे-धीरे गिरावट का अनुमान था। मध्य और अन्य क्षेत्रों में पूर्वानुमान अवधि के दौरान क्रमिक वृद्धि और फिर गिरावट हो सकती थी।
परामर्श में नागरिकों से दोपहर में सबसे अधिक गर्मी के समय लंबे समय तक सीधी धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने, हल्के और हवादार कपड़े पहनने तथा उच्च तापमान के समय भारी बाहरी गतिविधि से बचने को कहा गया। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों के लिए विशेष सावधानी बताई गई। विभाग ने कहा कि गर्मी से थकावट और लू लगने की घटनाएं घटाने के लिए शुरुआती जागरूकता और रोकथाम महत्वपूर्ण हैं। विस्तारित पूर्वानुमान में अगले 7 दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और केरल तथा माहे सहित चुनिंदा दक्षिणी क्षेत्रों में लू की संभावना जताई गई, जबकि अप्रैल से जून 2026 के मौसमी पूर्वानुमान में कई क्षेत्रों में सामान्य से अधिक लू वाले दिन रहने की चेतावनी दी गई।
