पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने पर 28-29 मार्च 2026 के आसपास जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में वर्षा और हिमपात की संभावना है। कश्मीर घाटी, लाहौल-स्पीति और उत्तराखंड के ऊँचाई वाले इलाकों में बर्फ जमा हो सकती है।

हिमालयी क्षेत्र में हाल के वर्षों में शीतकालीन बर्फबारी घट रही है। बर्फबारी मुख्य रूप से पश्चिमी विक्षोभों से प्रभावित होती है, जो भूमध्य सागर से उठते हैं और प्राकृतिक जल भंडार की तरह काम करते हैं।

परीक्षा की दृष्टि से मुख्य बात यह है कि पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय में शीतकालीन वर्षा और बर्फ जमा होने में योगदान देते हैं।

बाद में बर्फ पिघलने से सिंधु, चिनाब, झेलम और ब्यास नदी प्रणालियों में जल उपलब्धता बढ़ती है, जो पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है।