प्रकाशित: 27 मार्च 2026समाचार स्रोतपर्यावरण
पश्चिमी विक्षोभ से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और हिमपात की संभावना
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने पर 28-29 मार्च 2026 के आसपास जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में वर्षा और हिमपात की संभावना है। कश्मीर घाटी, लाहौल-स्पीति और उत्तराखंड के ऊँचाई वाले इलाकों में बर्फ जमा हो सकती है।
हिमालयी क्षेत्र में हाल के वर्षों में शीतकालीन बर्फबारी घट रही है। बर्फबारी मुख्य रूप से पश्चिमी विक्षोभों से प्रभावित होती है, जो भूमध्य सागर से उठते हैं और प्राकृतिक जल भंडार की तरह काम करते हैं।
परीक्षा की दृष्टि से मुख्य बात यह है कि पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय में शीतकालीन वर्षा और बर्फ जमा होने में योगदान देते हैं।
बाद में बर्फ पिघलने से सिंधु, चिनाब, झेलम और ब्यास नदी प्रणालियों में जल उपलब्धता बढ़ती है, जो पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है।
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प्रश्न: हिमालयी हिमपात में पश्चिमी विक्षोभ की भूमिका और उत्तर भारत में सिंचाई के लिए इसके महत्व की व्याख्या करें।
उत्तर (50 शब्द):
भारतीय मौसम विभाग ने 28-29 मार्च 2026 को पश्चिमी विक्षोभ तीव्र होने पर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी हिमपात की चेतावनी दी। भूमध्यसागर से उठने वाले ये बाह्यउष्णकटिबंधीय तूफान हिमालय में हिम संचय कराते हैं, जो प्राकृतिक जल भंडार का काम करता है। इससे सिंधु, चिनाब, झेलम और ब्यास प्रणालियों में जल उपलब्धता बढ़ती है, जो पंजाब, हरियाणा और राजस्थान की खरीफ सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
28-29 मार्च 2026 को IMD ने भारत के किन क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की चेतावनी दी?
**IMD ने 28-29 मार्च 2026 को** तेज होते पश्चिमी विक्षोभ के कारण **जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड** में **भारी से बहुत भारी बर्फबारी** की चेतावनी दी। कश्मीर घाटी के ऊंचे इलाके, लाहौल-स्पीति और उत्तराखंड के कुछ हिस्से सबसे अधिक प्रभावित हुए।
पश्चिमी विक्षोभ क्या है और यह हिमालय में बर्फबारी क्यों लाता है?
**पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागर से उत्पन्न होने वाले उपोष्णकटिबंधीय तूफान हैं**। ये पूर्व की ओर बढ़ते हैं और हिमालय से टकराकर **ऊंचाई पर बर्फबारी** तथा **उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानों में बारिश** कराते हैं। यही पानी का एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक स्रोत बनता है।
मार्च 2026 की बर्फबारी से कौन से हिमालयी राजमार्गों पर व्यवधान की उम्मीद थी?
मार्च 2026 की भारी बर्फबारी के कारण **श्रीनगर-लेह और मनाली-लेह राजमार्गों** पर संपर्क बाधित होने की आशंका थी। IMD ने पश्चिमी विक्षोभ के तेज होने पर हिमस्खलन-प्रवण क्षेत्रों के लिए **ऑरेंज और येलो चेतावनी** जारी की।
पश्चिमी विक्षोभ से हिमालयी बर्फबारी पंजाब और राजस्थान के खरीफ सीजन को कैसे लाभ देती है?
हिमालयी बर्फबारी **सिंधु, चिनाब, झेलम और ब्यास नदी प्रणालियों** में जल उपलब्धता बढ़ाती है, जो आगामी **खरीफ सीजन** में **पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण** हैं। बर्फ पिघलने से ये नदियां गर्मियों में भरती हैं।
हाल के वर्षों में हिमालयी शीतकालीन बर्फबारी में क्या प्रवृत्ति देखी गई है?
**हिमालयी क्षेत्र में हाल के वर्षों में शीतकालीन बर्फबारी में लगातार गिरावट** आ रही है — यह उन नदी प्रणालियों की **जल सुरक्षा** के लिए चिंता की बात है जो बर्फ पिघलने पर निर्भर हैं। मार्च 2026 के पश्चिमी विक्षोभ से प्रमुख ग्लेशियर और नदी जल-ग्रहण क्षेत्रों में अच्छी बर्फ जमी, जिससे कुछ राहत मिली।