प्रकाशित: 20 फ़रवरी 2026समाचार स्रोतटॉपिक
विशाखापट्टनम में 9वें चीफ्स कॉन्क्लेव में भारत ने 16 साल बाद IONS की अध्यक्षता संभाली; IFR, MILAN और IONS का एक साथ आयोजन
20 फरवरी 2026 को भारत ने विशाखापट्टनम में आयोजित 9वें प्रमुख सम्मेलन में हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (IONS) की अध्यक्षता 2026–28 कार्यकाल के लिए रॉयल थाई नौसेना से ग्रहण की। नौसेनाध्यक्ष एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने कॉन्क्लेव की अध्यक्षता की, जिसमें 33 देशों के नौसेना प्रमुख और समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख — IONS सदस्य, पर्यवेक्षक और अन्य हिंद महासागर तटीय राष्ट्र — शामिल हुए।
भारत का पुनः नेतृत्व ग्रहण करना ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है — भारत 2008 से 2010 तक IONS का संस्थापक अध्यक्ष था और अब 16 साल बाद पुनः इस पद पर लौटा है। विशाखापट्टनम ने एक साथ तीन प्रमुख समुद्री आयोजनों की मेजबानी की: अंतर्राष्ट्रीय नौसेना समीक्षा (IFR) 2026, अभ्यास मिलान 2026 और 9वां IONS कॉन्क्लेव — एक अभूतपूर्व नौसैनिक त्रयी। IONS 2008 में भारत की पहल पर स्थापित हिंद महासागर क्षेत्र के तटीय राज्यों की नौसेनाओं का एक स्वैच्छिक समूह है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: विशाखापत्तनम के 9वें सम्मेलन में भारत द्वारा आईओएनएस अध्यक्षता ग्रहण करने तथा आईएफआर, मिलन और आईओएनएस 2026 के साथ-साथ आयोजन के रणनीतिक महत्व का विश्लेषण करें।
उत्तर (50 शब्द):
20-21 फरवरी 2026 को भारत ने विशाखापत्तनम के 9वें सम्मेलन में हिंद महासागर नौसैनिक संगोष्ठी की 2026-28 अध्यक्षता संभाली — संस्थापक कार्यकाल (2008-10) के 16 वर्ष बाद। एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने 33 राष्ट्रों वाली संस्था की अध्यक्षता की। भारत ने आईएफआर, मिलन और आईओएनएस का अभूतपूर्व संयुक्त आयोजन किया; आईमेक्स और आईओएस सागर आरंभ हुए।
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजअंतरराष्ट्रीयविषयअंतरराष्ट्रीयपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनोंस्रोतसमाचार स्रोत
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
जुड़ा प्रश्नआसान
9वीं IONS प्रमुखों की बैठक, जहाँ भारत ने IONS अध्यक्षता ग्रहण की, किस शहर में आयोजित हुई?
व्याख्या · सही उत्तर B9वीं IONS बैठक विशाखापत्तनम में IFR, MILAN और IONS की नौसैनिक त्रिपक्षीय गतिविधि के साथ आयोजित हुई।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
IONS (इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम) क्या है और इसकी स्थापना कब हुई?
IONS हिंद महासागर के तटीय देशों के नौसेना प्रमुखों का एक स्वैच्छिक बहुपक्षीय समूह है, जिसकी स्थापना 2008 में भारत की पहली अध्यक्षता के दौरान भारत की पहल पर हुई। इसका उद्देश्य सदस्य नौसेनाओं के बीच समुद्री सुरक्षा में सहयोग, सूचना साझाकरण और HADR समन्वय को बढ़ावा देना है। 2026 तक इसमें 33 सदस्य देश हैं।
2026 में IONS अध्यक्षता संभालना भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत की 2026–28 अध्यक्षता इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि: (1) यह संस्थापक अध्यक्षता (2008–10) के बाद भारत की दूसरी अध्यक्षता है — 16 वर्षों का अंतराल IONS में बारी-बारी से होने वाले नेतृत्व को दिखाता है; (2) यह IFR 2026 और मिलान 2026 के साथ-साथ हुई — तीन बड़े नौसेना आयोजनों का ऐतिहासिक संयोग; (3) यह भारत के SAGAR सिद्धांत और 'नेबरहुड फर्स्ट' समुद्री नीति को मजबूत करती है; (4) भारत को हिंद महासागर सुरक्षा व्यवस्था के प्रमुख नेता के रूप में स्थापित करती है।
IFR और MILAN क्या हैं और IONS के साथ एक साथ आयोजन ऐतिहासिक क्यों है?
IFR (अंतरराष्ट्रीय नौसेना समीक्षा) एक औपचारिक नौसेना कार्यक्रम है, जहाँ कई देशों के युद्धपोत एकत्र होते हैं। मिलान भारत का द्विवार्षिक बहुपक्षीय नौसेना अभ्यास है। विशाखापट्टनम में फरवरी 2026 में तीनों — IONS कॉन्क्लेव, IFR 2026 और मिलान 2026 — का एक साथ आयोजन अभूतपूर्व था और भारत की समुद्री आयोजन क्षमता को रेखांकित करता है।
एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी कौन हैं और उनकी क्या भूमिका है?
एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी भारतीय नौसेना के प्रमुख (CNS) हैं। CNS के रूप में वे भारतीय नौसेना के सर्वोच्च अधिकारी हैं। उन्होंने विशाखापट्टनम में 9वें IONS चीफ्स कॉन्क्लेव में भारत का प्रतिनिधित्व किया और 33 देशों की सभा की अध्यक्षता की। उनकी अध्यक्षता 2026–28 के लिए IONS नेतृत्व संभालने की औपचारिक शुरुआत को दिखाती है।
विशाखापट्टनम भारत की नौसैनिक उपस्थिति के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
विशाखापट्टनम (विजाग) पूर्वी नौसेना कमान (ENC) का मुख्यालय है, जो बंगाल की खाड़ी और इंडो-पैसिफिक की ओर भारत का प्रमुख नौसैनिक अड्डा है। यहाँ पनडुब्बी बेस और शिपयार्ड सुविधाएं हैं। भारत की पूर्वी हिंद महासागर रणनीति में इसका स्थान केंद्रीय है — यहाँ IONS, IFR और मिलान की मेजबानी भारत की पूर्वी समुद्री उपस्थिति की मजबूती दिखाती है।