भारत को बायोफैच 2026 में 'वर्ष का देश' घोषित किया गया। जैविक उत्पादों का यह दुनिया का प्रमुख व्यापार मेला 10 से 13 फरवरी 2026 तक नूर्नबर्ग, जर्मनी में आयोजित हुआ। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने भारत की भागीदारी का आयोजन किया। 1,074 वर्ग मीटर में फैले भारत मंडप में 67 सह-प्रदर्शक शामिल थे। इनमें जैविक निर्यातक, किसान उत्पादक संगठन (FPO), सहकारी संस्थाएँ और राज्य सरकारों के निकाय थे।

मंडप में चावल, तिलहन, जड़ी-बूटियाँ, मसाले, दालें, काजू, अदरक, हल्दी, बड़ी इलायची, दालचीनी, आम की प्यूरी और आवश्यक तेल जैसे कई जैविक उत्पाद प्रदर्शित किए गए। इसमें 20 से अधिक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रदर्शकों ने भाग लिया। यह सम्मान 14 वर्ष बाद वैश्विक जैविक क्षेत्र में भारत के नेतृत्व की वापसी का संकेत है। यह यूरोपीय संघ-भारत मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता पूरी होने के समय मिला है। इस समझौते से यूरोपीय बाज़ार में भारत के जैविक खाद्य निर्यात को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

भारत में दुनिया के सबसे अधिक प्रमाणित जैविक उत्पादक हैं। देश में लगभग 44 लाख प्रमाणित जैविक किसान और 55 लाख हेक्टेयर जैविक खेती है। राजस्थान का भी इसमें अहम योगदान है; जैविक मसाले, तिलहन और औषधीय जड़ी-बूटियाँ उसके कृषि निर्यात का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।