प्रकाशित: 26 दिसंबर 2025समाचार स्रोतशासन
CAG ऑडिट में PMKVY की खामियां उजागर: 94-95% लाभार्थियों के फर्जी बैंक खाते, 1 करोड़ ने समान पहचान-विवरण साझा किए
भारत की प्रमुख कौशल विकास योजना — प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) — पर नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) के ऑडिट ने चिंताजनक पैमाने पर व्यवस्थागत धोखाधड़ी का खुलासा किया है। इससे प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठते हैं।
CAG ऑडिट में पाया गया कि योजना के रिकॉर्ड में सूचीबद्ध 94-95% लाभार्थियों के बैंक खाते फर्जी या काल्पनिक थे — ये खाते केवल कागज पर मौजूद थे और किसी वास्तविक व्यक्ति से जुड़े नहीं थे। इससे भी चौंकाने वाली बात यह है कि लगभग 1 करोड़ लाभार्थी समान लॉगिन विवरण साझा कर रहे थे। यह बड़े पैमाने पर डेटा गढ़ने और धोखाधड़ीपूर्ण नामांकन का स्पष्ट संकेत है।
2015 में स्किल इंडिया मिशन के तहत शुरू हुई PMKVY ने अपने विभिन्न चरणों में लगभग 10,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यह खुलासा शासन से जुड़ी व्यापक चिंताएँ सामने लाता है: DBT की विश्वसनीयता, प्रशिक्षण केंद्रों की जवाबदेही और निगरानी की विफलता। CAG रिपोर्ट ने कौशल विकास योजनाओं के प्रदर्शन ऑडिट और प्रशिक्षण के समय आधार-लिंक्ड बायोमेट्रिक सत्यापन की आवश्यकता पर बहस को फिर से तेज कर दिया है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: CAG ऑडिट द्वारा 10,000 करोड़ रुपये की पीएमकेवीवाई में 94-95% लाभार्थियों के फर्जी बैंक खाते एवं 1 करोड़ द्वारा साझा लॉगिन क्रेडेंशियल से उजागर धोखाधड़ी के शासन निहितार्थों की जांच कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
CAG ऑडिट में 10,000 करोड़ रुपये की पीएमकेवीवाई के 94-95% लाभार्थियों के फर्जी बैंक खाते और करीब 1 करोड़ द्वारा समान लॉगिन क्रेडेंशियल साझा करने की बात सामने आई, जो व्यवस्थागत डेटा गढ़न को दिखाती है। ये निष्कर्ष आधार से जुड़े प्रत्यक्ष लाभ अंतरण की अखंडता और प्रशिक्षण केंद्रों की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न उठाते हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
PMKVY पर CAG ऑडिट के प्रमुख निष्कर्ष क्या थे?
CAG ऑडिट में पाया गया कि PMKVY के 94-95% लाभार्थियों के बैंक खाते फर्जी थे। लगभग 1 करोड़ लाभार्थी समान क्रेडेंशियल का उपयोग कर रहे थे, जो बड़े पैमाने पर डेटा गढ़ने और धोखाधड़ीपूर्ण नामांकन का संकेत है।
PMKVY ने शुरू होने के बाद से कितनी राशि खर्च की है?
PMKVY ने 2015 में स्किल इंडिया मिशन के तहत शुरू होने के बाद से अपने विभिन्न चरणों (1.0, 2.0, 3.0, 4.0) में लगभग 10,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। CAG निष्कर्ष बताते हैं कि इसका एक बड़ा हिस्सा फर्जी लाभार्थियों को मिला होगा।
CAG का PMKVY ऑडिट DBT को लेकर शासन से जुड़ी कौन-सी चिंताएँ सामने लाता है?
ऑडिट से पता चलता है कि आधार से जुड़ी DBT — भारत की मुख्य कल्याण वितरण प्रणाली — लाभार्थी रिकॉर्ड की बड़े पैमाने पर गढ़न को रोकने में विफल रही। इससे प्रशिक्षण केंद्रों की जवाबदेही और निगरानी की विफलता भी सामने आती है।
PMKVY क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY), 2015 में शुरू की गई, स्किल इंडिया मिशन के तहत भारत की प्रमुख कौशल विकास योजना है। इसका उद्देश्य भारतीय युवाओं को मुफ्त में उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देना और प्रमाणन के बाद नकद पुरस्कार देना है।
CAG PMKVY ऑडिट के बाद क्या सुधारात्मक उपाय सुझाए गए हैं?
CAG रिपोर्ट में प्रशिक्षण के समय आधार से जुड़े बायोमेट्रिक सत्यापन, कौशल विकास योजनाओं के प्रदर्शन ऑडिट को मजबूत करने और PMKVY के तहत मान्यताप्राप्त तीसरे पक्ष के प्रशिक्षण भागीदारों के लिए सख्त जवाबदेही मानदंडों की आवश्यकता बताई गई।