वी.ओ. चिदंबरनार बंदरगाह प्राधिकरण (वीओसी पोर्ट), तूतीकोरिन, तमिलनाडु ने 9 फरवरी 2026 को इंडियाएआई इम्पैक्ट समिट 2026 के लिए एक उच्च-स्तरीय पूर्व-कार्यक्रम की सफलतापूर्वक मेजबानी की। इसका शीर्षक था "बंदरगाहों और समुद्री परिचालन में एआई: अभ्यास, नीति और भविष्य"। इस पूर्व-सम्मेलन दिन-भर के कार्यक्रम में वरिष्ठ नीति-निर्माता, बंदरगाह प्राधिकरण, प्रौद्योगिकी क्षेत्र के प्रतिनिधि और शैक्षणिक विशेषज्ञ भारत के समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के व्यावहारिक और नीतिगत आयामों पर चर्चा के लिए एकत्र हुए। यह कार्यक्रम समुद्री अमृत काल विज़न 2047 के तहत प्रौद्योगिकी-प्रेरित विकास की राष्ट्रीय दृष्टि के अनुरूप है, जो डिजिटल, हरित और सुरक्षित परिचालन से भारतीय बंदरगाहों के आधुनिकीकरण का रोडमैप तय करता है। उद्घाटन टिप्पणियाँ पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के सचिव श्री विजय कुमार, IAS ने वर्चुअल रूप से दीं। उन्होंने भारतीय बंदरगाहों में दक्षता, सुरक्षा और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता सुधारने में एआई के रणनीतिक महत्व पर बल दिया। पूर्व-कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता वी.ओ. चिदंबरनार बंदरगाह पर अभी लागू वास्तविक परिचालन एआई उपयोगों का जीवंत प्रदर्शन था। इससे प्रतिभागियों को सैद्धांतिक पायलट के बजाय सक्रिय बंदरगाह वातावरण में लागू एआई की प्रत्यक्ष जानकारी मिली। सत्रों में परिचालन अनुकूलन, सुरक्षा, लचीलापन और नीति तत्परता पर चर्चा हुई और ध्यान अवधारणा एवं पायलट चरणों से आगे बढ़कर लागू क्षेत्र प्रणालियों पर रहा। वी.ओ. चिदंबरनार बंदरगाह 17 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडियाएआई इम्पैक्ट समिट में "एआई-संचालित बंदरगाह: दक्षता एवं परिचालन की पुनर्कल्पना" नामक पैनल के साथ तूतीकोरिन पूर्व-कार्यक्रम की अंतर्दृष्टि को आगे बढ़ाएगा। इंडियाएआई इम्पैक्ट समिट 2026 की मेजबानी इंडियाएआई मिशन के ज़रिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय कर रहा है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर वैश्विक भागीदारी के एक प्रमुख आयोजन के रूप में इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किए जाने की अपेक्षा है।