मई 2026 में सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय MoSPI ने अपने वार्षिक डेटा रिलीज कैलेंडर में संशोधन किया। इसमें 2025-26 के लिए वार्षिक GDP के अनंतिम अनुमान और जनवरी से मार्च 2026 की चौथी तिमाही के GDP अनुमान जारी करने की तारीख मूल रूप से निर्धारित 29 मई 2026 से बढ़ाकर 5 जून 2026 कर दी गई। MoSPI ने स्पष्ट किया कि यह संशोधन इसलिए आवश्यक हो गया क्योंकि GDP संकलन के लिए जरूरी कई प्रमुख डेटासेट लगभग दो महीने के अंतराल के बाद ही उपलब्ध होते हैं। सूचीबद्ध कंपनियों को वित्तीय वर्ष के अंत से 60 दिनों के भीतर अपने लेखापरीक्षित चौथी तिमाही और वार्षिक वित्तीय परिणाम दाखिल करने होते हैं तथा व्यय और राजस्व प्राप्तियों सहित केंद्र सरकार के खातों से संबंधित महत्वपूर्ण राजकोषीय डेटा लगभग दो महीने के अंतराल के बाद ही अंतिम रूप पाते हैं। नए रिलीज कैलेंडर में 2022-23 आधार वर्ष वाली वार्षिक और तिमाही राष्ट्रीय खातों के अनुमानों की नई श्रृंखला भी शामिल है, जो 2011-12 आधार वर्ष वाली पिछली श्रृंखला की जगह लेती है और 28 फरवरी 2026 को लागू की गई थी। नई पद्धति के तहत भारत की वास्तविक GDP अब वित्तीय वर्ष 2025-26 में 7.6 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है, जबकि पुरानी श्रृंखला के तहत 7.4 प्रतिशत का अनुमान था। नाममात्र GDP, जिसमें मुद्रास्फीति शामिल है, 2025-26 में 8.6 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। पूरे वर्ष के मजबूत प्रदर्शन में 2025-26 की दूसरी तिमाही में 8.4 प्रतिशत और तीसरी तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि का योगदान रहा है। भारत की वित्त वर्ष 2025-26 की वास्तविक GDP स्थिर मूल्यों पर 322.58 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है। आधार वर्ष का संशोधन भारतीय राष्ट्रीय खातों को अंतर्राष्ट्रीय सांख्यिकीय प्रथाओं के अनुरूप बनाता है और डिजिटल अर्थव्यवस्था, अनौपचारिक क्षेत्र तथा गिग कार्य के दायरे को बेहतर करता है।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने मई 2026 में GDP रिलीज कैलेंडर में संशोधन किया। 2025-26 के अनंतिम वार्षिक अनुमान और चौथी तिमाही के अनुमान अब 29 मई 2026 के बजाय 5 जून 2026 को जारी होंगे, ताकि सूचीबद्ध कंपनियों की तिमाही फाइलिंग और केंद्र सरकार के राजकोषीय आंकड़ों के दो महीने के अंतराल को ध्यान में रखा जा सके। 2022-23 आधार वर्ष की नई राष्ट्रीय खाता श्रृंखला के तहत वित्तीय वर्ष के लिए 7.6 प्रतिशत वास्तविक GDP वृद्धि का अनुमान है
MoSPI ने मई 2026 में वित्त वर्ष 2025-26 के अनंतिम वार्षिक GDP अनुमानों और चौथी तिमाही के अनुमानों को जारी करने की तिथि 29 मई 2026 से बदलकर 5 जून 2026 कर दी। ये अनुमान नई 2022-23 आधार वर्ष श्रृंखला के तहत हैं, जिनमें वास्तविक वृद्धि 7.6 प्रतिशत और नाममात्र वृद्धि 8.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
मुख्य तथ्य
- MoSPI ने GDP जारी करने के कैलेंडर में संशोधन कर 2025-26 के अनंतिम वार्षिक अनुमान और चौथी तिमाही जनवरी-मार्च 2026 GDP की तारीख 29 मई 2026 से बदलकर 5 जून 2026 कर दी
- संशोधन आवश्यक था क्योंकि सूचीबद्ध कंपनियों को 60 दिनों के भीतर लेखापरीक्षित चौथी तिमाही और वार्षिक परिणाम दाखिल करने होते हैं तथा केंद्र सरकार के राजकोषीय डेटा को दो महीने के अंतराल के बाद ही अंतिम रूप दिया जाता है
- नए कैलेंडर में 2022-23 आधार वर्ष वाली वार्षिक और तिमाही राष्ट्रीय खातों की नई श्रृंखला अपनाई गई है, जो 28 फरवरी 2026 को लागू हुई और 2011-12 श्रृंखला की जगह लेती है
- भारत की वास्तविक GDP अब नई श्रृंखला के तहत वित्त वर्ष 2025-26 में 7.6 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है जबकि पुरानी श्रृंखला के तहत 7.4 प्रतिशत था
- 2025-26 में नाममात्र GDP के 8.6 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है, जबकि वास्तविक वृद्धि दूसरी तिमाही में 8.4 प्रतिशत और तीसरी तिमाही में 7.8 प्रतिशत अनुमानित है
- भारतीय वित्त वर्ष 2025-26 की वास्तविक GDP स्थिर मूल्यों पर 322.58 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है और संशोधन डिजिटल अर्थव्यवस्था तथा अनौपचारिक क्षेत्र के कवरेज में सुधार करता है
6-अक्ष वर्गीकरण
यह टॉपिक में दिखता है
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
MoSPI द्वारा 2026 में लागू GDP के नए आधार वर्ष वाली श्रृंखला के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रीय खातों की नई श्रृंखला पहले के 2011-12 आधार वर्ष को बदलकर 2022-23 को आधार वर्ष के रूप में उपयोग करती है। 2. नए आधार वर्ष के तहत वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की वास्तविक GDP वृद्धि 7.4 प्रतिशत अनुमानित है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
कथन 1 सही है: 2022-23 आधार वर्ष वाली नई राष्ट्रीय खाता श्रृंखला MoSPI द्वारा 28 फरवरी 2026 को लागू की गई जो पहले के 2011-12 आधार वर्ष की जगह लेती है। यह संशोधन भारतीय राष्ट्रीय खातों को अंतर्राष्ट्रीय सांख्यिकीय प्रथाओं के साथ संरेखित करता है और डिजिटल अर्थव्यवस्था अनौपचारिक क्षेत्र और गिग कार्य के कवरेज में सुधार करता है। कथन 2 गलत है: नई 2022-23 आधार वर्ष श्रृंखला के तहत वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वास्तविक GDP वृद्धि 7.6 प्रतिशत अनुमानित है 7.4 प्रतिशत नहीं। 7.4 प्रतिशत का आंकड़ा पुरानी 2011-12 श्रृंखला के तहत प्रक्षेपण था।
स्रोत: DD India
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
MoSPI ने मई 2026 में GDP जारी करने के कैलेंडर में संशोधन क्यों किया?
MoSPI ने 2025-26 के अनंतिम वार्षिक GDP और चौथी तिमाही के अनुमान जारी करने की तारीख 29 मई 2026 से बदलकर 5 जून 2026 कर दी, क्योंकि GDP संकलन के लिए जरूरी प्रमुख डेटासेट दो महीने बाद ही उपलब्ध होते हैं। सूचीबद्ध कंपनियों को वित्तीय वर्ष समाप्त होने के 60 दिनों के भीतर लेखापरीक्षित चौथी तिमाही और वार्षिक परिणाम दाखिल करने होते हैं तथा केंद्र सरकार के राजकोषीय डेटा को भी उसी अंतराल के बाद अंतिम रूप दिया जाता है।
भारत के राष्ट्रीय खातों के लिए नया आधार वर्ष क्या है?
नया आधार वर्ष 2022-23 है, जिसे 28 फरवरी 2026 को लागू किया गया और जिसने पहले के 2011-12 आधार वर्ष की जगह ली। यह संशोधन भारतीय राष्ट्रीय खातों को अंतर्राष्ट्रीय सांख्यिकीय प्रथाओं के अनुरूप बनाता है और डिजिटल अर्थव्यवस्था, अनौपचारिक क्षेत्र तथा गिग कार्य के कवरेज में सुधार करता है।
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के लिए अनुमानित वास्तविक GDP वृद्धि क्या है?
नई 2022-23 आधार वर्ष श्रृंखला के तहत वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की वास्तविक GDP 7.6 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है, जबकि पुरानी 2011-12 श्रृंखला के तहत यह 7.4 प्रतिशत था। नाममात्र GDP 8.6 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है।
वास्तविक और नाममात्र GDP में क्या अंतर है?
वास्तविक GDP स्थिर आधार वर्ष की कीमतों पर मापी जाती है और इसमें मुद्रास्फीति का प्रभाव हटाया जाता है, इसलिए यह केवल उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं की मात्रा में बदलाव दिखाती है। नाममात्र GDP वर्तमान बाजार कीमतों पर मापी जाती है और इसमें मुद्रास्फीति का प्रभाव शामिल रहता है। नाममात्र वृद्धि से वास्तविक वृद्धि घटाने पर GDP डिफ्लेटर का अनुमान मिलता है, जो कीमतों में बदलाव का व्यापक माप है।
भारत के सांख्यिकीय तंत्र में MoSPI की भूमिका क्या है?
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के दो प्रभाग हैं: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय NSO और कार्यक्रम कार्यान्वयन विंग। MoSPI GDP जारी करने सहित राष्ट्रीय खाता सांख्यिकी संकलित करता है, उद्योगों का वार्षिक सर्वेक्षण, आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक जारी करता है तथा केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य सरकारों में सांख्यिकीय गतिविधियों का समन्वय करता है।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।
प्रतिक्रिया भेजें