राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 24 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर ग्राम पंचायतों को अधिक सशक्त, आत्मनिर्भर और डिजिटल रूप से सक्षम बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समृद्ध राष्ट्र निर्माण के लिए समग्र ग्रामीण विकास अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने निर्वाचित सरपंचों और पंच सदस्यों से आग्रह किया कि वे पंचायतों को डिजिटल इकाइयों में बदलें, ताकि राजस्व, कल्याण और शिकायत निवारण जैसी नागरिकों से जुड़ी सेवाएं ग्राम स्तर पर कागज़ रहित तरीके से मिल सकें। उन्होंने अपने स्रोतों से राजस्व संग्रह बढ़ाने और राज्य द्वारा संचालित क्षमता निर्माण के ज़रिए पंचायतों की वित्तीय स्वायत्तता मजबूत करने पर बल दिया, जिससे केवल अनुदानों पर निर्भरता घटे। उसी दिन मुख्यमंत्री ने जयपुर में राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन की उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिकतम पशुपालकों को संगठित डेयरी गतिविधियों से जोड़ा जाए, ताकि डेयरी को ग्राम अर्थव्यवस्था का सुदृढ़ स्तंभ बनाया जा सके। उन्होंने फेडरेशन को निर्देश दिया कि राज्य सरकार की 'विकसित ग्राम' और 'विकसित वार्ड' पहलों से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग कर पूरे राज्य में नए सरस आउटलेट खोले जाएं तथा सख्त गुणवत्ता मानकों के साथ दूध और दुग्ध उत्पादों के विपणन की व्यापक रणनीति लागू की जाए। शर्मा ने मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना जैसी योजनाओं से दुग्ध उत्पादकों को संरक्षण देने और सरस ब्रांड के भरोसेमंद उत्पादों से उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने, इन दोनों बातों पर दोबारा जोर दिया। मुख्यमंत्री ने मेवाड़ क्षेत्र में मनाए जाने वाले चित्तौड़गढ़ स्थापना दिवस 'चित्तौड़ी आठम' पर भी शुभकामनाएं दीं।