मुख्य तथ्य

  • राजस्थान में त्रि-स्तरीय पंचायती राज: 33 जिला परिषद, 365 पंचायत समितियाँ, 11,194 ग्राम पंचायतें — राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 के अंतर्गत।
  • 73वें संवैधानिक संशोधन (1992) ने भाग IX और 11वीं अनुसूची (29 विषय) जोड़े; राजस्थान ने 1994 अधिनियम से इसे लागू किया।
  • राजस्थान पंचायतों में आरक्षण: महिलाओं के लिए 50%, SC/ST जनसंख्या अनुपात में, OBC को भी आरक्षण; दो-बच्चा मानदंड (2026 संशोधन से समाप्त)।
  • छठा राज्य वित्त आयोग: बजट ₹4,000 करोड़; ₹621.07 करोड़ हस्तांतरित; 37,394 कार्य पूर्ण।
  • निधि वितरण अनुपात: ग्राम पंचायत 75%, पंचायत समिति 20%, जिला परिषद 5%।

मुख्य बिंदु

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    राजस्थान में त्रि-स्तरीय पंचायती राज: 33 जिला परिषद, 365 पंचायत समितियाँ, 11,194 ग्राम पंचायतें — राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 के अंतर्गत।

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    73वें संवैधानिक संशोधन (1992) ने भाग IX और 11वीं अनुसूची (29 विषय) जोड़े; राजस्थान ने 1994 अधिनियम से इसे लागू किया।

  3. 3

    राजस्थान पंचायतों में आरक्षण: महिलाओं के लिए 50%, SC/ST जनसंख्या अनुपात में, OBC को भी आरक्षण; दो-बच्चा मानदंड (2026 संशोधन से समाप्त)।

  4. 4

    छठा राज्य वित्त आयोग: बजट ₹4,000 करोड़; ₹621.07 करोड़ हस्तांतरित; 37,394 कार्य पूर्ण।

  5. 5

    निधि वितरण अनुपात: ग्राम पंचायत 75%, पंचायत समिति 20%, जिला परिषद 5%।

  6. 6

    15वें वित्त आयोग का PRI अनुदान 2024-25: बजट ₹4,100 करोड़; ₹2,203.29 करोड़ हस्तांतरित; 42,028 कार्य पूर्ण।

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    MGNREGS 2024-25: ₹7,676.98 करोड़ व्यय; 2,309.72 लाख मानव-दिवस; 53.28 लाख परिवार लाभान्वित।

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    Pmay-G

    मैदानी क्षेत्र में ₹1.20 लाख, पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्र में ₹1.30 लाख प्रति आवास।

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    स्वामित्व योजना: राजस्थान के 35,955 गाँवों में ड्रोन सर्वेक्षण पूर्ण; 6,85,935 पट्टे वितरित।

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    राजीविका — DAY-NRLM के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं को SHG में संगठित कर वित्तीय समावेशन एवं आजीविका संवर्धन।

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    स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण चरण 2 (2024-25): 1,03,566 शौचालय बने; 32,793 ओडीएफ प्लस गाँव घोषित हुए; 11 गोबर-धन परियोजनाएँ संचालित हैं।

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    सुनवाई का अधिकार अधिनियम 2012: सरकारी आवेदनों पर निर्धारित समय-सीमा में सुनवाई का अधिकार देने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य।

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    जन सूचना पोर्टल 2019: 280+ योजनाओं, 117+ विभागों का डेटा सार्वजनिक; पंचायत स्तर तक पारदर्शिता।

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    विकसित राजस्थान 2047 — 'विकसित गाँव-वार्ड अभियान' (19 मार्च–15 मई 2026): 11,341 ग्राम पंचायतों के लिए ग्राम स्तर से तैयार किया जाने वाला मास्टर प्लान।

ग्रामीण विकास, पंचायती राज और राज्य वित्त आयोग आरएएस मुख्य परीक्षा में क्यों पढ़ना है?

ग्रामीण विकास, पंचायती राज और राज्य वित्त आयोग आरएएस मुख्य परीक्षा में इसलिए पढ़ना है क्योंकि यह विषय राजस्थान में विकेंद्रीकृत शासन, स्थानीय वित्त और ग्रामीण योजनाओं के जमीन पर असर को सीधे परखता है। राजस्थान आर्थिक समीक्षा २०२५-२६ के अनुसार राज्य में १४,४०३ ग्राम पंचायतें हैं, इसलिए इस विषय का पैमाना सिर्फ सिद्धांत का नहीं बल्कि बड़े प्रशासनिक नेटवर्क का है। राजस्थान लोक सेवा आयोग के २०२६ मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम में ग्रामीण विकास, ग्रामीण आधारभूत संरचना, पंचायती राज संस्थाएँ और राज्य वित्त आयोग को राजस्थान की अर्थव्यवस्था के हिस्से में रखा गया है। यह विषय पूर्णतः राजस्थान-केंद्रित है; परीक्षक यह देखता है कि विकेंद्रीकृत शासन राजस्थान में वास्तव में कैसे काम करता है: कानूनी ढाँचा, संस्थागत संरचना, वित्तीय प्रवाह और विकास कार्यक्रमों के परिणाम।

इस विषय के तीन परस्पर जुड़े स्तंभ हैं:

  • पंचायती राज: संवैधानिक आधार, ७३वाँ संशोधन, राजस्थान पंचायती राज अधिनियम १९९४, त्रि-स्तरीय संरचना, चुनाव, आरक्षण, २९ विषयों का विकेंद्रीकरण।
  • राज्य वित्त आयोग: संवैधानिक अधिदेश, अनुच्छेद २४३-आई, संरचना, विकेंद्रीकरण सिफारिशें, छठे राज्य वित्त आयोग के आँकड़े।
  • ग्रामीण विकास कार्यक्रम: मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और राजीविका, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण, स्वामित्व योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना, पारदर्शिता तंत्र।

इस विषय से बाहर क्या है: ७३वें संशोधन से पहले पंचायती राज का विस्तृत संवैधानिक इतिहास, कृषि उत्पादकता और सिंचाई योजनाएँ, शहरी स्थानीय निकाय और राष्ट्रीय राजकोषीय हस्तांतरण का विस्तृत संघीय विश्लेषण। ये अलग विषयों में बेहतर पढ़े जाते हैं।

पिछले वर्षों के प्रश्नों का पैटर्न बताता है कि यह विषय बहुत नियमित नहीं रहा, पर जब आता है तो आरक्षण प्रावधान, मनरेगा डेटा, पंचायत संरचना, राज्य वित्त आयोग और शासन नवाचारों पर तथ्यात्मक सवाल बनते हैं। २०२६ की परीक्षा, संशोधित पाठ्यक्रम, विकसित राजस्थान २०४७ पर सरकार के जोर और दो-बच्चा मानदंड से जुड़े २०२६ संशोधन को देखते हुए, इस विषय को अधिक महत्व दे सकती है। राज्य वित्त आयोग तंत्र और ग्रामीण कार्यक्रमों के वर्तमान आँकड़ों पर एक या दो प्रश्नों की उम्मीद रखना व्यावहारिक है।

संभावित RAS प्रश्न

PYQ रुझान और 2026 पाठ्यक्रम विश्लेषण पर आधारित

1 5M राजस्थान में त्रि-स्तरीय पंचायती राज ढाँचे का वर्णन करें और प्रत्येक स्तर की संस्थाओं की वर्तमान संख्या बताएं। 5 अंक · 50 शब्द

आदर्श उत्तर

राजस्थान का पंचायती राज ढाँचा (राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994; 73वाँ संशोधन) तीन स्तरीय: 33 जिला परिषद (जिला स्तर), 365 पंचायत समितियाँ (मध्यवर्ती स्तर), 11,194 ग्राम पंचायतें (ग्राम स्तर) — 2024-25। महिलाओं को 50% आरक्षण, संवैधानिक न्यूनतम 1/3 से अधिक।

~50 शब्द • 5 अंक