बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने 7 मार्च 2026 को अपने सीरीज I दीर्घकालिक ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड से ₹10,000 करोड़ जुटाए। इसके साथ वह घरेलू ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड जारी करने वाला पहला भारतीय बैंक बन गया। 7.10% कूपन दर और 7 वर्ष की परिपक्वता अवधि वाले इस बॉन्ड इश्यू को ₹16,415 करोड़ की बोलियां मिलीं — यानी मूल इश्यू आकार से 1.6 गुना से अधिक।

ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड ऐसे ऋण साधन हैं जिनसे जुटाई गई राशि नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छ परिवहन, हरित इमारतों, जल प्रबंधन और प्रदूषण रोकथाम जैसी पर्यावरणीय दृष्टि से टिकाऊ परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए रखी जाती है। यह इश्यू RBI के सतत वित्त ढांचे और 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन की भारत की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।

राजस्थान के लिए, जो राजस्थान सौर ऊर्जा नीति 2019 और RRECL के तहत सौर और पवन ऊर्जा हब के रूप में उभरा है, ग्रीन बॉन्ड वित्तपोषण स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना में संस्थागत पूंजी लाने का बड़ा अवसर है।