विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (DSIR) ने डीप-टेक स्टार्टअप के लिए मान्यता और सहायता की शर्तों में महत्वपूर्ण ढील दी है। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव है — कंपनी के अनिवार्य रूप से 3 वर्ष पुरानी होने की शर्त हटाना। अब किसी भी चरण के स्टार्टअप — यहां तक कि नवगठित कंपनियां भी — डीप-टेक गतिविधि प्रदर्शित करने पर DSIR मान्यता के लिए आवेदन कर सकती हैं। पात्र डीप-टेक स्टार्टअप को DSIR के सहायता ढांचे के तहत ₹1 करोड़ की वित्तीय सहायता उपलब्ध है। DSIR ने डीप-टेक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए चार नई पहलें भी घोषित की हैं: PRISM नेटवर्क प्लेटफॉर्म (जो नवप्रवर्तकों को मेंटर, निवेशक और उद्योग भागीदारों से जोड़ता है); पायलट-से-स्केल सहायता; अंतरराष्ट्रीय सहयोग कार्यक्रम; और क्षेत्र-विशिष्ट डीप-टेक चुनौतियां। डीप-टेक स्टार्टअप कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग, उन्नत सामग्री, जैव प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और अर्धचालक जैसे क्षेत्रों में काम करते हैं। यह कदम अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) के लक्ष्यों और भारत को सेवा-आधारित अर्थव्यवस्था से नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने की प्रक्रिया में मदद करता है।
DSIR ने डीप-टेक स्टार्टअप नियम सरल किए: 3 साल की अनिवार्यता हटाई, शुरुआती स्टार्टअप को मान्यता
DSIR ने डीप-टेक स्टार्टअप के लिए अनिवार्य 3 वर्ष की शर्त हटाई, ₹1 करोड़ वित्तीय सहायता और PRISM नेटवर्क सहित 4 नई पहलें शुरू कीं।
मुख्य तथ्य
- DSIR ने डीप-टेक स्टार्टअप के लिए कंपनी के 3 वर्ष पुरानी होने की अनिवार्य शर्त हटा दी — शुरुआती चरण के स्टार्टअप अब आवेदन कर सकते हैं।
- संशोधित DSIR सहायता ढांचे के तहत पात्र डीप-टेक स्टार्टअप को ₹1 करोड़ की वित्तीय सहायता उपलब्ध।
- चार नई पहलें: PRISM नेटवर्क प्लेटफॉर्म, पायलट से बड़े पैमाने तक ले जाने में सहायता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और क्षेत्र-विशिष्ट चुनौतियां।
- PRISM (व्यक्तियों, स्टार्टअप और MSME में नवाचार को बढ़ावा) नवप्रवर्तकों को मेंटर, निवेशक और उद्योग भागीदारों से जोड़ता है।
- डीप-टेक क्षेत्र: AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, उन्नत सामग्री, जैव प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और अर्धचालक।
- सुधार ANRF और सेवा-आधारित से नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था के भारत के लक्ष्य के अनुरूप।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: डीएसआईआर द्वारा डीप-टेक स्टार्टअप मान्यता मानदंडों में ढील और प्रिज्म-आधारित पहलों की शृंखला किस प्रकार भारत के शुरुआती चरण के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त करने तथा एएनआरएफ अनुसंधान एजेंडा को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखती है, विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
डीएसआईआर ने डीप-टेक स्टार्टअप मान्यता के लिए अनिवार्य 3-वर्षीय अस्तित्व नियम हटाया और पात्र उद्यमों को 1 करोड़ रुपये की सहायता देगा। विभाग ने चार नई पहलें शुरू कीं — प्रिज्म नेटवर्क प्लेटफॉर्म, पायलट-से-स्केल समर्थन, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग कार्यक्रम व डीप-टेक चुनौतियाँ — जो एएनआरएफ पहल के साथ शुरुआती नवप्रवर्तकों को सशक्त करेंगी।
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स्रोत: PIB/DSIR
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जनवरी 2026 में DSIR ने डीप-टेक स्टार्टअप के लिए क्या प्रमुख ढील दी?
DSIR ने डीप-टेक स्टार्टअप मान्यता के लिए **कंपनी के कम से कम 3 वर्ष पुरानी होने की अनिवार्य शर्त हटा दी**। पहले स्टार्टअप को कम से कम 3 वर्ष पुराना होना जरूरी था। अब **किसी भी चरण के स्टार्टअप** वास्तविक डीप-टेक गतिविधि दिखाने पर आवेदन कर सकते हैं। पात्र स्टार्टअप को **₹1 करोड़** की वित्तीय सहायता भी मिलती है।
DSIR का PRISM नेटवर्क प्लेटफ़ॉर्म क्या है?
**PRISM** का अर्थ है **Promoting Innovations in Individuals, Startups and MSMEs** (व्यक्तियों, स्टार्टअप और MSME में नवाचार को बढ़ावा देना)। यह DSIR द्वारा शुरू किया गया नेटवर्क प्लेटफ़ॉर्म है, जो **नवप्रवर्तकों को मार्गदर्शकों, निवेशकों और उद्योग भागीदारों से जोड़ता है**। PRISM चार नई पहलों में से एक है।
DSIR के डीप-टेक स्टार्टअप ढांचे में कौन से क्षेत्र शामिल हैं?
DSIR का डीप-टेक सहायता ढांचा इन क्षेत्रों के स्टार्टअप को शामिल करता है: **कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)**, **क्वांटम कंप्यूटिंग**, **उन्नत सामग्री**, **जैव प्रौद्योगिकी**, **अंतरिक्ष** और **अर्धचालक**। ये क्षेत्र भारी R&D निवेश और लंबे विकास चक्र की मांग करते हैं।
DSIR सुधार भारत की व्यापक नवाचार नीति से कैसे जुड़ते हैं?
DSIR सुधार **अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF)** और भारत के **सेवा-आधारित अर्थव्यवस्था से नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था** की ओर बढ़ने के लक्ष्य से जुड़ते हैं। भारत में 1,00,000 से अधिक DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं, लेकिन डीप-टेक खंड छोटा है — इन सुधारों से शुरुआती स्तर के नवप्रवर्तकों की क्षमता सामने आने का रास्ता खुलेगा।
डीप-टेक स्टार्टअप के लिए पुरानी 3 वर्ष की शर्त की क्या समस्या थी?
**अनिवार्य 3 वर्ष की शर्त** शुरुआती डीप-टेक स्टार्टअप को DSIR मान्यता, सरकारी वित्त पोषण और संबंधित नेटवर्क से वंचित रखती थी। डीप-टेक उद्यमों को व्यावसायीकरण से पहले वर्षों के R&D की जरूरत होती है — इस बाधा को हटाने से भारत की डीप-टेक पाइपलाइन मजबूत होगी।
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