केंद्रीय आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने 14 फरवरी 2026 को असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे भारत की पहली अंडरवाटर सड़क-सह-रेल सुरंग को 18,662 करोड़ रुपये की कुल लागत पर मंजूरी दी। 33.7 किलोमीटर लंबी यह ग्रीनफील्ड परियोजना गोहपुर (NH-15) को नुमालीगढ़ (NH-715) से जोड़ेगी, यात्रा दूरी 240 किमी से घटाकर 34 किमी और यात्रा समय छह घंटे से घटाकर लगभग 20 मिनट कर देगी।

इसका मुख्य आकर्षण ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे उन्नत टनल बोरिंग मशीन (TBM) प्रौद्योगिकी से बनाई जाने वाली 15.79 किलोमीटर लंबी दोहरी-ट्यूब सुरंग है — यह विश्व की केवल दूसरी अंडरवाटर संयुक्त सड़क-रेल सुरंग होगी। एक ट्यूब सड़क यातायात के लिए होगी, जिसमें दो लेन होंगी, और दूसरी रेल बुनियादी ढांचे के लिए होगी। EPC मॉडल पर बनने वाली इस परियोजना से लगभग 80 लाख व्यक्ति-दिवस के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार की उम्मीद है।

रणनीतिक दृष्टि से यह सुरंग असम के चाय और पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी सुधारेगी, लॉजिस्टिक्स लागत घटाएगी और पूर्वोत्तर में भारत के सुरक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी।