प्रकाशित: 17 फ़रवरी 2026PIB / NewsonAirअर्थव्यवस्था
CCEA ने असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे भारत की पहली सड़क-सह-रेल सुरंग को 18,662 करोड़ रुपये में मंजूरी दी
केंद्रीय आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने 14 फरवरी 2026 को असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे भारत की पहली अंडरवाटर सड़क-सह-रेल सुरंग को 18,662 करोड़ रुपये की कुल लागत पर मंजूरी दी। 33.7 किलोमीटर लंबी यह ग्रीनफील्ड परियोजना गोहपुर (NH-15) को नुमालीगढ़ (NH-715) से जोड़ेगी, यात्रा दूरी 240 किमी से घटाकर 34 किमी और यात्रा समय छह घंटे से घटाकर लगभग 20 मिनट कर देगी।
इसका मुख्य आकर्षण ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे उन्नत टनल बोरिंग मशीन (TBM) प्रौद्योगिकी से बनाई जाने वाली 15.79 किलोमीटर लंबी दोहरी-ट्यूब सुरंग है — यह विश्व की केवल दूसरी अंडरवाटर संयुक्त सड़क-रेल सुरंग होगी। एक ट्यूब सड़क यातायात के लिए होगी, जिसमें दो लेन होंगी, और दूसरी रेल बुनियादी ढांचे के लिए होगी। EPC मॉडल पर बनने वाली इस परियोजना से लगभग 80 लाख व्यक्ति-दिवस के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार की उम्मीद है।
रणनीतिक दृष्टि से यह सुरंग असम के चाय और पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी सुधारेगी, लॉजिस्टिक्स लागत घटाएगी और पूर्वोत्तर में भारत के सुरक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत 18,662 करोड़ रुपये की ब्रह्मपुत्र अंडरवाटर सड़क-सह-रेल सुरंग परियोजना के रणनीतिक, आर्थिक एवं आपदा-रोधी महत्व और पूर्वोदय दृष्टि के साथ इसके संरेखण की चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
सीसीईए ने 14 फरवरी 2026 को ब्रह्मपुत्र के नीचे भारत की पहली अंडरवाटर सड़क-रेल सुरंग 18,662 करोड़ रुपये में मंजूर की। 33.7 किमी परियोजना में 15.79 किमी ट्विन-ट्यूब टीबीएम बोर गोहपुर–नुमालीगढ़ को जोड़ेगी, यात्रा दूरी 240 से 34 किमी और समय छह घंटे से 20 मिनट तक घटाएगी तथा पूर्वोत्तर संपर्क और पूर्वोदय विकास बढ़ाएगी।
6-अक्ष वर्गीकरण
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
CCEA ने किस जलाशय के नीचे बनने वाली भारत की पहली पानी के नीचे सड़क-सह-रेल सुरंग को मंजूरी दी?
व्याख्या · सही उत्तर ACCEA ने असम में 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी परियोजना को मंजूरी दी, जिसमें गोहपुर-नुमालीगढ़ कॉरिडोर के बीच ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे 15.79 किमी लंबी सड़क-सह-रेल सुरंग शामिल है। PIB ने इसे भारत की पहली अंडरवॉटर सड़क-सह-रेल सुरंग बताया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत की पहली अंडरवाटर रोड-कम-रेल सुरंग क्या है और इसे कब मंजूरी मिली?
असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे भारत की पहली अंडरवाटर रोड-कम-रेल सुरंग को आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने 14 फरवरी 2026 को मंजूरी दी। इस परियोजना की लागत ₹18,662 करोड़ और कुल लंबाई 33.7 किमी है।
ब्रह्मपुत्र अंडरवाटर सुरंग किन दो स्थानों को जोड़ेगी और यात्रा समय में कितनी कमी आएगी?
यह सुरंग असम में गोहपुर और नुमालीगढ़ को जोड़ेगी। इससे दोनों स्थानों के बीच मौजूदा 6 घंटे का यात्रा समय घटकर केवल 20 मिनट रह जाएगा, जिससे ब्रह्मपुत्र के पार संपर्क में क्रांतिकारी सुधार होगा।
ब्रह्मपुत्र सुरंग के निर्माण में कौन-सी तकनीक इस्तेमाल होगी और वैश्विक स्तर पर इसका स्थान कौन-सा होगा?
सुरंग का निर्माण टनल बोरिंग मशीन (TBM) से होगा और इसमें 15.79 किमी का ट्विन-ट्यूब सुरंग खंड होगा। पूरा होने पर यह विश्व की केवल दूसरी अंडरवाटर रोड-रेल सुरंग होगी।
CCEA क्या है और इसकी अध्यक्षता कौन करता है?
CCEA यानी आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति, जो भारत में प्रमुख आर्थिक परियोजनाओं को मंजूरी देने वाली सर्वोच्च संस्था है। इसकी अध्यक्षता भारत के प्रधानमंत्री करते हैं।
ब्रह्मपुत्र सुरंग का पूर्वोत्तर भारत के लिए क्या रणनीतिक महत्व है?
यह सुरंग पूर्वोत्तर कनेक्टिविटी, रक्षा रसद और असम में बाढ़-रोधी बुनियादी ढाँचे के लिए रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। ब्रह्मपुत्र को पार करने के लिए हर मौसम में इस्तेमाल होने वाला विश्वसनीय रास्ता मिलेगा, जिससे मौसमी बाढ़ से होने वाली बाधाएँ दूर होंगी।