वरिष्ठ अधिवक्ता आर वेंकटरमणि को भारत का महान्यायवादी फिर से नियुक्त किया गया है और उनका कार्यकाल सितंबर 2027 तक बढ़ाया गया है। परीक्षा में इसे आर वेंकटरमणि, भारत के महान्यायवादी, अनुच्छेद 76 और सितंबर 2027 तक कार्यकाल के रूप में याद रखना उपयोगी है। महान्यायवादी भारत सरकार के मुख्य कानूनी सलाहकार होते हैं। उनकी नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 76 के तहत होती है, इसलिए यह तथ्य प्रारंभिक परीक्षा में अनुच्छेद-आधारित प्रश्नों और कार्यपालिका से जुड़े सामान्य अध्ययन के बिंदुओं के लिए उपयोगी है।
मुख्य याद रखने योग्य तथ्य चार हैं: नाम, पद, कार्यकाल और संवैधानिक आधार। आर वेंकटरमणि वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और सितंबर 2025 में उन्हें फिर से भारत के महान्यायवादी के रूप में नियुक्त किया गया, जिसके बाद कार्यकाल सितंबर 2027 तक बताया गया। RAS, UPSC और अन्य राज्य-स्तरीय परीक्षाओं में ऐसे पदों से जुड़े प्रश्न अक्सर सीधे पूछे जाते हैं: कौन नियुक्त हुआ, पद का संवैधानिक आधार क्या है और पद की मुख्य भूमिका क्या है। इसलिए यह खबर महान्यायवादी के संवैधानिक आधार और भारत सरकार के मुख्य कानूनी सलाहकार की भूमिका को साथ में याद कराने में मदद करती है।
स्टैटिक जीके लिंक साफ है। अनुच्छेद 76 को भारत के महान्यायवादी से जोड़कर याद रखना चाहिए, जबकि भूमिका को भारत सरकार के मुख्य कानूनी सलाहकार के रूप में समझना चाहिए। परीक्षा के दृष्टिकोण से इसे संवैधानिक पदों और केंद्र सरकार की विधिक सलाह व्यवस्था के तहत पढ़ना बेहतर है। रिविजन में इसे एक लाइन के फॉर्मेट में रखें: आर वेंकटरमणि, भारत के महान्यायवादी, अनुच्छेद 76, मुख्य कानूनी सलाहकार, कार्यकाल सितंबर 2027 तक। इससे प्रारंभिक परीक्षा में तथ्य पहचानना आसान रहेगा और समान विकल्पों में सही पद तथा सही अनुच्छेद अलग करने में मदद मिलेगी।
