12 नवंबर 2025 को जारी WHO वैश्विक क्षय रोग रिपोर्ट 2025 ने पुष्टि की कि भारत विश्व के कुल टीबी मामलों के 25% के साथ सबसे अधिक टीबी बोझ वाला देश बना हुआ है। 2024 में वैश्विक स्तर पर अनुमानित 1.07 करोड़ लोग टीबी से प्रभावित हुए और 12.3 लाख मौतें हुईं। हालांकि, भारत ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है: टीबी की घटनाएं 2015 के 237 प्रति लाख से घटकर 2024 में 187 प्रति लाख हो गईं — 21% की गिरावट, जो वैश्विक गिरावट की लगभग दोगुनी है। मृत्यु दर 28 से 21 प्रति लाख हुई और उपचार कवरेज 53% से 92% हो गई। फिर भी भारत WHO के 2030 तक 80% घटनाओं और 90% मृत्यु दर में कटौती के लक्ष्य से बहुत दूर है। लगभग एक लाख टीबी मामले 'गायब' — यानी जिनका निदान नहीं हुआ या रिपोर्ट नहीं हुए — हैं। भारत का निदान अंतराल में वैश्विक योगदान 8.8% है। प्रमुख कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान (2022), निक्षय पोषण योजना और यूडीएसटी शामिल हैं। भारत ने 2025 तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य रखा था, परंतु रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि यह समयसीमा पूरी नहीं हो पाएगी।