भारत ने 15-25 फरवरी 2026 के दौरान विशाखापत्तनम में अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक समीक्षा (IFR-2026) और मिलन-2026 नौसैनिक अभ्यास की मेजबानी की। भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत मुख्य आकर्षण रहा। इसके प्रदर्शन से युद्धपोत और नौसैनिक उपकरण बनाने की भारत की क्षमता सामने आई। 74 देशों के प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लिया; 50 से अधिक नौसेनाएँ 100 से अधिक जहाज़ों, पनडुब्बियों और विमानों के साथ शामिल हुईं। इस कारण यह भारत में आयोजित सबसे बड़े समुद्री आयोजनों में से एक बन गया। आयोजन में नौसैनिक संचालन के अभ्यास, मानवीय सहायता अभ्यास और नौसैनिक पोतों तथा उपकरणों का शानदार प्रदर्शन शामिल था। रक्षा मंत्री ने INS विक्रांत से नौसैनिक बेड़े का निरीक्षण किया। इस अभ्यास ने हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले देश के रूप में भारत की भूमिका को रेखांकित किया।
अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक समीक्षा 2026 और मिलन-2026 नौसैनिक अभ्यास विशाखापत्तनम में शुरू; भारतीय नौसेना का पोत INS विक्रांत मुख्य आकर्षण
15-25 फरवरी 2026 के दौरान विशाखापत्तनम में अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक समीक्षा 2026 और मिलन नौसैनिक अभ्यास आयोजित हुए। INS विक्रांत मुख्य आकर्षण रहा और 74 देशों के प्रतिनिधियों ने भारत के सबसे बड़े समुद्री आयोजनों में से एक में भाग लिया।
मुख्य तथ्य
- भारत ने 15-25 फरवरी 2026 के दौरान विशाखापत्तनम में अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक समीक्षा (IFR-2026) और मिलन-2026 नौसैनिक अभ्यास की मेजबानी की।
- भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत मुख्य आकर्षण रहा। इसके प्रदर्शन से युद्धपोत और नौसैनिक उपकरण बनाने की देश की क्षमता सामने आई।
- 50 से अधिक नौसेनाओं की भागीदारी से यह भारत में आयोजित सबसे बड़े समुद्री आयोजनों में से एक बन गया।
- आयोजन में नौसैनिक संचालन के अभ्यास, मानवीय सहायता अभ्यास और नौसैनिक पोतों तथा उपकरणों का प्रदर्शन शामिल था।
- इस अभ्यास ने हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले देश के रूप में भारत की भूमिका को रेखांकित किया।
6-अक्ष वर्गीकरण
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स्वर्ण हॉलमार्किंग के संदर्भ में HUID का क्या अर्थ है?
HUID का अर्थ हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन है। यह 6-अंकीय अक्षर-अंक कोड होता है, जो हर हॉलमार्क किए गए सोने के आभूषण या वस्तु को पहचान और ट्रेसबिलिटी के लिए दिया जाता है।
स्रोत: Olympics.com
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
INS विक्रांत क्या है और अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक समीक्षा 2026 में यह मुख्य आकर्षण क्यों था?
**भारतीय नौसेना का पोत INS विक्रांत** **भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत** है और इसे 2022 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था। **15-25 फरवरी 2026** के दौरान **विशाखापत्तनम** में आयोजित **अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक समीक्षा 2026 (IFR-2026)** में यह मुख्य आकर्षण रहा। इसके प्रदर्शन से युद्धपोत और नौसैनिक उपकरण बनाने की भारत की क्षमता सामने आई। **50 से अधिक नौसेनाओं** की भागीदारी के कारण यह भारत में आयोजित सबसे बड़े समुद्री आयोजनों में से एक बना।
अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक समीक्षा 2026 (IFR-2026) और मिलन-2026 नौसैनिक अभ्यास में कितनी नौसेनाओं ने हिस्सा लिया?
**50 से अधिक नौसेनाओं** ने **15-25 फरवरी 2026** के दौरान **विशाखापत्तनम** में आयोजित **अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक समीक्षा (IFR-2026)** और **मिलन-2026 नौसैनिक अभ्यास** में भाग लिया। इस बहुपक्षीय आयोजन में **नौसैनिक संचालन के अभ्यास, मानवीय सहायता अभ्यास** और **नौसैनिक पोतों तथा उपकरणों का प्रदर्शन** शामिल था। भारत का स्वदेशी विमानवाहक पोत **INS विक्रांत** इसका मुख्य आकर्षण रहा।
मिलन नौसैनिक अभ्यास क्या है और 2026 में विशाखापत्तनम में इसकी प्रमुख गतिविधियाँ क्या थीं?
**मिलन** **भारतीय नौसेना** द्वारा हर दो वर्ष में आयोजित किया जाने वाला बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास है। **15-25 फरवरी 2026** के दौरान विशाखापत्तनम में **मिलन-2026 नौसैनिक अभ्यास** को **अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक समीक्षा 2026 (IFR-2026)** के साथ आयोजित किया गया। इसमें **नौसैनिक संचालन के अभ्यास, मानवीय सहायता अभ्यास**, नौसैनिक पोतों तथा उपकरणों का प्रदर्शन और **50 से अधिक नौसेनाओं** की भागीदारी शामिल थी। इस अभ्यास ने हिंद महासागर क्षेत्र में **सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले देश** के रूप में भारत की भूमिका को रेखांकित किया।
विशाखापत्तनम में अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक समीक्षा 2026 (IFR-2026) और मिलन नौसैनिक अभ्यास की मेजबानी भारत की नौसैनिक शक्ति के लिए क्या संकेत देती है?
**विशाखापत्तनम में 15-25 फरवरी 2026** के दौरान **50 से अधिक नौसेनाओं** की भागीदारी के साथ **अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक समीक्षा (IFR-2026)** और **मिलन-2026 नौसैनिक अभ्यास** की मेजबानी हिंद महासागर क्षेत्र में **सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले देश** के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है। भारत के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत **INS विक्रांत** के प्रदर्शन से युद्धपोत और नौसैनिक उपकरण बनाने की देश की बढ़ती क्षमता सामने आई।
अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक समीक्षा 2026 (IFR-2026) में हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले देश के रूप में भारत की भूमिका कैसे दिखाई गई?
**हिंद महासागर क्षेत्र** में **सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले देश** के रूप में भारत की भूमिका में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना, समुद्री डकैती से निपटना, मानवीय सहायता देना और आपदा राहत पहुँचाना शामिल है। **विशाखापत्तनम में 15-25 फरवरी 2026** के दौरान आयोजित **अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक समीक्षा (IFR-2026)** में **50 से अधिक नौसेनाओं** ने नौसैनिक संचालन और मानवीय सहायता के बहुपक्षीय अभ्यासों में भाग लिया। इससे क्षेत्र की प्रमुख समुद्री शक्ति के रूप में भारत की स्थिति और मज़बूत हुई।
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