16 दिसंबर 2025 को विजय दिवस के अवसर पर 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के पश्चिमी मोर्चे पर राजस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष ध्यान दिया गया। पूर्वी मोर्चे पर पाकिस्तान का निर्णायक समर्पण हुआ, जबकि पश्चिमी मोर्चे पर राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर और बीकानेर जिलों में महत्वपूर्ण सैन्य अभियान चले। बाड़मेर क्षेत्र में भारतीय सेना ने सिंध (तत्कालीन पश्चिम पाकिस्तान) में साहसी छाछरो छापा मारा, जिसमें बकहसर गाँव के ठाकुर बलवंत सिंह सहित स्थानीय नागरिकों का महत्वपूर्ण सहयोग मिला। दिसंबर 2025 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बाड़मेर में ठाकुर बलवंत सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया। जैसलमेर क्षेत्र में लोंगेवाला का युद्ध (4-5 दिसंबर 1971) युद्ध के सबसे प्रसिद्ध अभियानों में से एक बना, जहाँ 23वीं पंजाब रेजिमेंट की एक छोटी कंपनी ने IAF के हॉकर हंटर विमानों के सहयोग से पाकिस्तानी बख्तरबंद कॉलम को खदेड़ा। यह युद्ध 1997 की बॉलीवुड फिल्म 'बॉर्डर' में अमर हुआ। ये अभियान भारत की राष्ट्रीय रक्षा में राजस्थान के सीमावर्ती जिलों के सामरिक महत्व को दर्शाते हैं।
विजय दिवस और पश्चिमी मोर्चा: 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में राजस्थान की भूमिका — बाड़मेर, जैसलमेर और बीकानेर के सीमावर्ती जिले
16 दिसंबर 2025 को विजय दिवस के अवसर पर 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के पश्चिमी मोर्चे में राजस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष ध्यान दिया गया। जबकि पूर्वी मोर्चे पर पाकिस्तान का निर्णायक समर्पण हुआ, पश्चिमी मोर्चे पर राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर और बीकानेर जिलों में महत्वपूर्ण सैन्य अभियान चले। बाड़मेर क्षेत्र में भारतीय सेना ने सिंध (तत्कालीन पश्चिम पाकिस्तान) में साहसी छाछरो छापा मारा, जिसमें बकहसर गाँव के ठाकुर बलवंत सिंह सहित स्थानीय नागरिकों का महत्वपूर्ण सहयोग मिला। दिसंबर 2025 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बाड़मेर में ठाकुर बलवंत सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया। जैसलमेर क्षेत्र में लोंगेवाला का युद्ध (4-5 दिसंबर 1971) युद्ध के सबसे प्रसिद्ध अभियानों में से एक बना, जहाँ 23वीं पंजाब रेजिमेंट की एक छोटी कंपनी ने IAF के हॉकर हंटर विमानों के सहयोग से पाकिस्तानी बख्तरबंद कॉलम को खदेड़ा। यह युद्ध 1997 की बॉलीवुड फिल्म 'बॉर्डर' में अमर हुआ। ये अभियान भारत की राष्ट्रीय रक्षा में राजस्थान के सीमावर्ती जिलों के सामरिक महत्व को दर्शाते हैं।
मुख्य तथ्य
- भारत ने 16 दिसंबर 2025 को विजय दिवस मनाया — 1971 के युद्ध में विजय की वर्षगाँठ।
- पश्चिमी मोर्चे पर राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर और बीकानेर में महत्वपूर्ण सैन्य अभियान हुए।
- बाड़मेर क्षेत्र में छाछरो पर साहसी छापे में बकहसर के नागरिक ठाकुर बलवंत सिंह ने सहायता की।
- जैसलमेर में लोंगेवाला का युद्ध (4-5 दिसंबर 1971) 'बॉर्डर' फिल्म (1997) में अमर हुआ।
- 23वीं पंजाब रेजिमेंट ने IAF हॉकर हंटर विमानों की मदद से लोंगेवाला पर पाकिस्तानी बख्तरबंद दस्ते को खदेड़ा।
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिसंबर 2025 में बाड़मेर में ठाकुर बलवंत सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: 1971 भारत-पाकिस्तान युद्ध के पश्चिमी मोर्चे में राजस्थान की रणनीतिक भूमिका का मूल्यांकन कीजिए, छछरो छापा, लोंगेवाला युद्ध एवं अभियान में नागरिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए।
उत्तर (50 शब्द):
विजय दिवस 16 दिसंबर 2025 को भारत ने पश्चिमी मोर्चे पर राजस्थान की भूमिका को सम्मानित किया। बाड़मेर में सिंध छछरो छापा बखासर के ठाकुर बलवंत सिंह की मदद से हुआ; राजनाथ सिंह ने प्रतिमा का अनावरण किया। जैसलमेर लोंगेवाला युद्ध (4-5 दिसंबर 1971) में 23वीं पंजाब एवं हॉकर हंटर वायुसेना ने पाकिस्तानी बख्तरबंद दस्ते खदेड़े।
इस विषय की स्थिर तैयारी
इस खबर के पीछे का स्थायी सिलेबस पढ़ें।
6-अक्ष वर्गीकरण
यह टॉपिक में दिखता है
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विजय दिवस क्या है और इसे 16 दिसंबर को क्यों मनाया जाता है?
विजय दिवस हर साल 16 दिसंबर को 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारत की जीत की याद में मनाया जाता है। इसी दिन पाकिस्तान ने आत्मसमर्पण के दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे, जिससे बांग्लादेश का जन्म हुआ। 2025 में 54वाँ विजय दिवस मनाया गया।
लोंगेवाला का युद्ध क्या था और इसका ऐतिहासिक महत्व क्यों है?
लोंगेवाला का युद्ध (4-5 दिसंबर 1971) जैसलमेर जिले में पश्चिमी मोर्चे की प्रमुख लड़ाई थी। 23वीं पंजाब रेजिमेंट ने IAF हॉकर हंटर विमानों की सहायता से पाकिस्तानी बख्तरबंद टुकड़ी को खदेड़ा। यह युद्ध 1997 की फिल्म 'बॉर्डर' में अमर हो गया।
छाछरो छापा क्या था और बाड़मेर में किसने भारतीय सेना की मदद की?
छाछरो छापा 1971 के युद्ध में बाड़मेर क्षेत्र से भारतीय सेना द्वारा सिंध (तत्कालीन पश्चिम पाकिस्तान) में किया गया साहसी सीमा पार अभियान था। बकहसर गाँव के ठाकुर बलवंत सिंह ने खुफिया जानकारी और स्थानीय सहयोग देकर भारतीय सेना की महत्वपूर्ण मदद की।
दिसंबर 2025 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बाड़मेर में क्या किया?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिसंबर 2025 में बाड़मेर में ठाकुर बलवंत सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया। यह श्रद्धांजलि 1971 के छाछरो छापे में सेना की मदद करने वाले उस नागरिक नायक के सम्मान में थी।
1971 के पश्चिमी मोर्चे पर राजस्थान के कौन-से जिले शामिल थे और उनकी क्या भूमिका थी?
बाड़मेर, जैसलमेर और बीकानेर — तीनों भारत-पाकिस्तान सीमा से लगे जिले — 1971 के पश्चिमी मोर्चे के प्रमुख केंद्र थे। बाड़मेर में छाछरो छापा, जैसलमेर में लोंगेवाला युद्ध और बीकानेर क्षेत्र में सैन्य अभियानों ने भारत की पश्चिमी मोर्चे की रणनीति को मजबूत किया।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।
प्रतिक्रिया भेजें