भारत ने 11 नवंबर 2025 को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया, जो भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री (1947–1958) और आधुनिक भारतीय शिक्षा प्रणाली के निर्माता मौलाना अबुल कलाम आज़ाद (जन्म 11 नवंबर 1888) की 137वीं जयंती है। भारत सरकार ने सितंबर 2008 में 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस घोषित किया था। राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2025 का विषय 'AI और शिक्षा — स्वचालन के युग में मानवीय स्वायत्तता की रक्षा' था, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता के शैक्षिक परिदृश्य पर प्रभाव को लेकर समकालीन चिंताओं को दर्शाता है। आज़ाद ने सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा, प्रौढ़ साक्षरता, महिला शिक्षा और माध्यमिक व व्यावसायिक प्रशिक्षण के विविधीकरण के लिए संघर्ष किया। उन्होंने UGC, IIT और ICCR जैसी संस्थाओं की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 35 वर्ष की आयु में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सबसे युवा अध्यक्ष बने आज़ाद एक बहुमुखी प्रतिभा — धर्मशास्त्री, विद्वान, पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी — थे। उनके शैक्षिक दर्शन ने वैज्ञानिक सोच, धर्मनिरपेक्षता और राष्ट्रीय एकता पर बल दिया। राजस्थान सहित देशभर के विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में सेमिनार, निबंध प्रतियोगिताओं और कार्यशालाओं से यह दिवस मनाया गया।
राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2025: भारत ने मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की 137वीं जयंती मनाई
भारत ने 11 नवंबर 2025 को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया, जो भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री (1947–1958) और आधुनिक भारतीय शिक्षा प्रणाली के निर्माता मौलाना अबुल कलाम आज़ाद (जन्म 11 नवंबर 1888) की 137वीं जयंती है। भारत सरकार ने सितंबर 2008 में 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस घोषित किया था। राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2025 का विषय 'AI और शिक्षा — स्वचालन के युग में मानवीय स्वायत्तता की रक्षा' था, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता के शैक्षिक परिदृश्य पर प्रभाव को लेकर समकालीन चिंताओं को दर्शाता है। आज़ाद ने सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा, प्रौढ़ साक्षरता, महिला शिक्षा और माध्यमिक व व्यावसायिक प्रशिक्षण के विविधीकरण के लिए संघर्ष किया। उन्होंने UGC, IIT और ICCR जैसी संस्थाओं की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 35 वर्ष की आयु में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सबसे युवा अध्यक्ष बने आज़ाद एक बहुमुखी प्रतिभा — धर्मशास्त्री, विद्वान, पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी — थे। उनके शैक्षिक दर्शन ने वैज्ञानिक सोच, धर्मनिरपेक्षता और राष्ट्रीय एकता पर बल दिया। राजस्थान सहित देशभर के विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में सेमिनार, निबंध प्रतियोगिताओं और कार्यशालाओं से यह दिवस मनाया गया।
मुख्य तथ्य
- भारत ने 11 नवंबर 2025 को मौलाना आज़ाद की 137वीं जयंती पर राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया।
- 2025 का विषय: 'AI और शिक्षा — स्वचालन के युग में मानवीय स्वायत्तता की रक्षा'।
- मौलाना आज़ाद भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री (1947–1958) और आधुनिक शिक्षा प्रणाली के निर्माता थे।
- उन्होंने UGC, IIT और ICCR जैसी आधारभूत शैक्षिक और सांस्कृतिक संस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- सितंबर 2008 में आज़ाद की विरासत के सम्मान में 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस घोषित किया गया।
- आज़ाद 35 वर्ष की आयु में INC के सबसे युवा अध्यक्ष बने और सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा के पक्षधर थे।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत की शिक्षा व्यवस्था में मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के योगदान की चर्चा कीजिए तथा 2025 राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के विषय 'एआई और शिक्षा — स्वचालन में मानवीय भूमिका की रक्षा' की प्रासंगिकता का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
भारत ने 11 नवंबर 2025 को आज़ाद की 137वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया। प्रथम शिक्षा मंत्री (1947-1958) के रूप में उन्होंने यूजीसी, IIT, आईआईएससी एवं आईसीसीआर स्थापित किए और सार्वभौमिक साक्षरता तथा वैज्ञानिक चेतना को बढ़ावा दिया। 2025 का विषय 'एआई और शिक्षा — स्वचालन में मानवीय भूमिका की रक्षा' उनकी मानवतावादी विरासत की पुनर्पुष्टि करता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
राष्ट्रीय शिक्षा दिवस हर साल 11 नवंबर को भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की जयंती पर मनाया जाता है। भारत सरकार ने सितंबर 2008 में उनकी विरासत के सम्मान में 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस घोषित किया था।
राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2025 का विषय क्या था?
राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2025 का विषय 'AI और शिक्षा — स्वचालन के युग में मानवीय स्वायत्तता की रक्षा' था। यह विषय कृत्रिम बुद्धिमत्ता के शैक्षिक प्रभाव पर समकालीन चिंताओं को दर्शाता है।
मौलाना आज़ाद ने शिक्षा मंत्री रहते हुए कौन-सी प्रमुख संस्थाएँ स्थापित कीं?
मौलाना आज़ाद ने 1947–1958 के दौरान भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री के रूप में UGC, IIT और ICCR की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ये संस्थाएँ आज भी भारत की उच्च शिक्षा और सांस्कृतिक कूटनीति की नींव हैं।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में मौलाना आज़ाद ने कौन-सी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की?
मौलाना अबुल कलाम आज़ाद मात्र 35 वर्ष की आयु में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सबसे युवा अध्यक्ष बने। वे स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेता थे और साम्प्रदायिक सौहार्द व सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा के प्रबल समर्थक थे।
2025 में मौलाना आज़ाद की जयंती को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाने का क्या महत्व है?
2025 में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर मौलाना आज़ाद की 137वीं जयंती (जन्म 11 नवंबर 1888) मनाई गई। उनकी जयंती को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाना सार्वभौमिक साक्षरता और आधुनिक वैज्ञानिक शिक्षा को लेकर उनकी दूरदर्शी सोच को रेखांकित करता है।
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