भारत ने 2025 में जापान को पीछे छोड़कर लगभग 4.18 लाख करोड़ डॉलर की GDP के साथ नाममात्र GDP के मामले में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर एक ऐतिहासिक आर्थिक उपलब्धि हासिल की। भारत की नाममात्र GDP 2014-15 में 106.57 लाख करोड़ रुपये से तिगुनी होकर 2024-25 में 331.03 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो निरंतर संरचनात्मक सुधारों, डिजिटल बदलाव और आत्मनिर्भर भारत की दृष्टि को दिखाती है। भारत 6.5% वास्तविक GDP वृद्धि दर्ज करते हुए दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। 2025-26 की दूसरी तिमाही में GDP छह तिमाहियों के उच्चतम स्तर पर पहुंची।

भारत की नरम मौद्रिक नीति ने भी इसमें सहायक भूमिका निभाई, जिसमें RBI की नीतिगत ब्याज दर जनवरी 2025 के 6.5% से घटकर सितंबर 2025 तक 5.5% पर आ गई। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि भारत 2030 तक 7.3 लाख करोड़ डॉलर की GDP के साथ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। हालांकि, IMF ने उल्लेख किया कि GDP मापने की पद्धति में संशोधन के बाद भारत पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में आता है।