गणतंत्र दिवस 2026 पर भारत के संविधान को लागू हुए 76 वर्ष पूरे हुए; यह 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने संवैधानिक पड़ावों पर केंद्रित 'भारत की गणतंत्र यात्रा' शीर्षक से एक विस्तृत दस्तावेज़ जारी किया। राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता वाली संविधान सभा के लिए डॉ. बी. आर. अंबेडकर की अध्यक्षता वाली प्रारूप समिति ने 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन में संविधान का मसौदा तैयार किया। मूल संविधान में 22 भाग, 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियाँ थीं। 106 संशोधनों के बाद अब इसमें 448 अनुच्छेद और 12 अनुसूचियाँ हैं। हाल के प्रमुख संवैधानिक घटनाक्रमों में 106वाँ संशोधन (विधायिकाओं में महिला आरक्षण), एक साथ चुनाव कराने पर बहस और औपनिवेशिक दौर के कानूनों की जगह लेने वाली भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) को लागू करने की जारी प्रक्रिया शामिल हैं।
भारत के संविधान के 76 वर्ष पूरे: अंगीकरण से आधुनिक शासन तक की यात्रा
संविधान के 76 वर्ष पूरे हुए; इसमें मूल रूप से 395 अनुच्छेद थे और 106 संशोधनों के बाद अब 448 अनुच्छेद हैं। जारी सुधारों में नए आपराधिक कानून भी शामिल हैं।
मुख्य तथ्य
- गणतंत्र दिवस 2026 पर संविधान को लागू हुए 76 वर्ष पूरे हुए; यह 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था।
- राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता वाली संविधान सभा के लिए डॉ. बी. आर. अंबेडकर की अध्यक्षता वाली प्रारूप समिति ने 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन में संविधान का मसौदा तैयार किया।
- मूल संविधान में 22 भाग, 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियाँ थीं; 106 संशोधनों के बाद अब इसमें 448 अनुच्छेद और 12 अनुसूचियाँ हैं।
- हाल के प्रमुख घटनाक्रमों में 106वाँ संशोधन (विधायिकाओं में महिला आरक्षण) और एक साथ चुनाव कराने पर बहस शामिल हैं।
- औपनिवेशिक दौर के कानूनों की जगह लेने वाली भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) को लागू करने की प्रक्रिया जारी है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत के संविधान ने 26 जनवरी 2026 को 76 वर्ष पूरे किए। राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता वाली संविधान सभा और डॉ. बी. आर. अंबेडकर की अध्यक्षता वाली प्रारूप समिति से लेकर वर्तमान संशोधित स्वरूप तथा हाल के विधिक सुधारों तक इसकी विकास-यात्रा का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता वाली संविधान सभा के लिए डॉ. बी. आर. अंबेडकर की अध्यक्षता वाली प्रारूप समिति ने 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन में संविधान तैयार किया। इसमें मूल रूप से 395 अनुच्छेद, 22 भाग और 8 अनुसूचियाँ थीं। 106 संशोधनों के बाद अब इसमें 448 अनुच्छेद और 12 अनुसूचियाँ हैं। हाल के घटनाक्रमों में विधायिकाओं में महिला आरक्षण और औपनिवेशिक कानूनों की जगह लागू नए आपराधिक कानून शामिल हैं।
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भारत के संविधान का प्रारूप तैयार करने में संविधान सभा को कितना समय लगा?
संविधान सभा, जिसकी प्रारूप समिति की अध्यक्षता डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने की, ने भारत के संविधान का प्रारूप तैयार करने में 2 वर्ष, 11 माह और 18 दिन लिए।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गणतंत्र दिवस 2026 तक भारत का संविधान कितने वर्षों से लागू है?
गणतंत्र दिवस 2026 पर **26 जनवरी 1950** को संविधान लागू होने के **76 वर्ष** पूरे हुए।
भारत की संविधान सभा और प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे?
**राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के अध्यक्ष थे**, जबकि **डॉ. बी. आर. अंबेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे**। संविधान का मसौदा 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन में तैयार हुआ; इसे 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया।
भारत का संविधान कब अपनाया गया और कब लागू हुआ?
भारत का संविधान **26 नवंबर 1949 को अपनाया गया** (संविधान दिवस) और **26 जनवरी 1950 को लागू हुआ** (गणतंत्र दिवस)।
भारत में संविधान दिवस क्या है?
**संविधान दिवस** हर वर्ष **26 नवंबर** को मनाया जाता है। यह 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा संविधान अपनाए जाने की स्मृति का दिन है।
26 जनवरी को भारत का गणतंत्र दिवस क्यों चुना गया?
26 जनवरी को **गणतंत्र दिवस** इसलिए चुना गया क्योंकि **1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज प्रस्ताव** पारित किया था, जिसमें ब्रिटिश शासन से पूर्ण स्वतंत्रता की माँग की गई थी।
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