प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. मसूद पेज़ेशकियान के साथ पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर टेलीफोन पर वार्ता की। प्रेस सूचना ब्यूरो (30 जून 2026 की विज्ञप्ति) के अनुसार, राष्ट्रपति पेज़ेशकियान ने प्रधानमंत्री को पश्चिम एशिया के हाल के घटनाक्रमों तथा आगे की संभावनाओं के बारे में अवगत कराया।

वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री ने बनी सहमति का स्वागत किया और भारत के इस सैद्धांतिक दृष्टिकोण को दोहराया कि सभी मुद्दों का समाधान बातचीत और कूटनीति के माध्यम से किया जाना चाहिए। भारत के इस दीर्घकालिक रुख की पुनरावृत्ति यह दर्शाती है कि नई दिल्ली क्षेत्रीय विवादों के समाधान के लिए तनाव बढ़ाने अथवा बल प्रयोग के बजाय शांतिपूर्ण एवं वार्ता आधारित रास्ते को प्राथमिकता देती है।

प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने समुद्री आवाजाही एवं वाणिज्य की स्वतंत्रता तथा आर्थिक गतिविधियों की स्वतंत्रता की सुरक्षा के महत्व को भी रेखांकित किया, जो भारत के लिए सामरिक एवं आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है।

यह टेलीफोन वार्ता भारत और ईरान के बीच सर्वोच्च राजनीतिक स्तर पर जारी संवाद तथा पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की दिशा में भारत की सक्रिय कूटनीतिक भूमिका को दर्शाती है। बनी सहमति का स्वागत करते हुए तथा स्थायी शांति के लिए निरंतर प्रयासों का आह्वान कर भारत ने कूटनीति आधारित समाधान के प्रति अपने समर्थन और क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संकेत दिया।