आर्कियन केमिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सहायक कंपनी सिकसेम प्राइवेट लिमिटेड ने 1 नवंबर 2025 को भुवनेश्वर, ओडिशा के इन्फो वैली में भारत के पहले एकीकृत डिवाइस-विनिर्माण वाले सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) सेमीकंडक्टर प्लांट की नींव रखी। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माजी ने परियोजना का उद्घाटन किया। इस प्लांट में लगभग 2,067 करोड़ रुपये (22 करोड़ डॉलर) का निवेश है, इसके 2027-28 तक चालू होने की उम्मीद है, और इसकी क्षमता सालाना 60,000 SiC वेफर और 9.6 करोड़ पैकेजिंग इकाइयों की होगी। सिकसेम ब्रिटिश कंपनी क्लास-सिक वेफर फैब लिमिटेड के साथ साझेदारी कर रही है। यह प्लांट इलेक्ट्रिक वाहन और हरित ऊर्जा क्षेत्र के लिए आवश्यक SiC डायोड, मॉसफेट और पावर मॉड्यूल बनाएगा। यह परियोजना 5,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करेगी।
भारत का पहला एंड-टू-एंड सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) सेमीकंडक्टर प्लांट भुवनेश्वर, ओडिशा में शुरू
आर्कियन केमिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सहायक कंपनी सिकसेम प्राइवेट लिमिटेड ने 1 नवंबर 2025 को भुवनेश्वर, ओडिशा के इन्फो वैली में भारत के पहले एकीकृत सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) सेमीकंडक्टर उपकरण-निर्माण प्लांट की नींव रखी। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माजी ने परियोजना का उद्घाटन किया। इस प्लांट में लगभग 2,067 करोड़ रुपये (22 करोड़ डॉलर) का निवेश है। इसके 2027-28 तक चालू होने की उम्मीद है और इसकी सालाना क्षमता 60,000 SiC वेफर और 9.6 करोड़ पैकेजिंग इकाइयों की होगी। सिकसेम ब्रिटिश कंपनी क्लास-सिक वेफर फैब लिमिटेड के साथ साझेदारी कर रही है। यह प्लांट इलेक्ट्रिक वाहन और हरित ऊर्जा क्षेत्र के लिए आवश्यक SiC डायोड, मॉसफेट और पावर मॉड्यूल बनाएगा। यह परियोजना 5,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करेगी।
मुख्य तथ्य
- भारत का पहला एंड-टू-एंड सिलिकॉन कार्बाइड सेमीकंडक्टर प्लांट भुवनेश्वर, ओडिशा में शुरू हुआ।
- आर्कियन केमिकल इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी सिकसेम प्राइवेट लिमिटेड इस प्लांट का निर्माण कर रही है।
- इसमें लगभग 2,067 करोड़ रुपये (22 करोड़ डॉलर) का निवेश होगा और इसके 2027–28 तक चालू होने की उम्मीद है।
- इलेक्ट्रिक वाहन और हरित ऊर्जा के लिए इसकी सालाना क्षमता 60,000 SiC वेफर और 9.6 करोड़ सेमीकंडक्टर यूनिट की होगी।
- तकनीकी सहायता के लिए ब्रिटिश कंपनी क्लास-सिक वेफर फैब लिमिटेड के साथ साझेदारी की गई है।
- इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत इस परियोजना से 5,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।
6-अक्ष वर्गीकरण
यह टॉपिक में दिखता है
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
भुवनेश्वर में एसआईसीसेम प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्थापित भारत के पहले एसआईसी अर्धचालक आईडीएम संयंत्र का अनुमानित निवेश परिव्यय कितना है?
इस संयंत्र में लगभग 2,067 करोड़ रुपये, यानी 22 करोड़ डॉलर, का निवेश होगा। 2027 से 2028 के बीच इसके चालू होने की संभावना है और इसकी वार्षिक क्षमता 60,000 सिलिकॉन कार्बाइड वेफर होगी।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) क्या है और भारत की अर्धचालक महत्वाकांक्षाओं के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?
सिलिकॉन कार्बाइड एक वाइड-बैंडगैप अर्धचालक सामग्री है, जो अधिक शक्ति और अधिक तापमान वाले उपयोगों में, खासकर इलेक्ट्रिक वाहनों और हरित ऊर्जा प्रणालियों के लिए, सिलिकॉन से बेहतर मानी जाती है। भुवनेश्वर में भारत का पहला SiC प्लांट इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत अर्धचालक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।
भारत का पहला SiC सेमीकंडक्टर प्लांट कौन बना रहा है और यह कहाँ है?
आर्कियन केमिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सहायक कंपनी सिकसेम प्राइवेट लिमिटेड यह प्लांट ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित इन्फो वैली में बना रही है। 1 नवंबर 2025 को ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माजी ने इसका उद्घाटन किया।
SiC प्लांट में कितना निवेश है और इसकी उत्पादन क्षमता क्या होगी?
इस प्लांट में लगभग 2,067 करोड़ रुपये (22 करोड़ डॉलर) का निवेश है और यह 2027-28 तक चालू होने की उम्मीद है। इसकी सालाना क्षमता 60,000 SiC वेफर और 9.6 करोड़ सेमीकंडक्टर यूनिट होगी।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन क्या है और यह प्लांट उससे कैसे जुड़ा है?
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन एक सरकारी पहल है जिसका उद्देश्य घरेलू अर्धचालक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना और आयात पर निर्भरता कम करना है। सिकसेम प्लांट से 5,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है और यह इलेक्ट्रिक वाहन व हरित ऊर्जा क्षेत्रों पर केंद्रित इस मिशन की एक महत्वपूर्ण परियोजना है।
इस SiC प्लांट का अंतरराष्ट्रीय तकनीकी साझेदार कौन है?
ब्रिटिश कंपनी क्लास-सिक वेफर फैब लिमिटेड इस परियोजना की तकनीकी साझेदार है। यह कंपनी SiC वेफर निर्माण में विशेषज्ञता रखती है, जो पूर्णतः एकीकृत उपकरण विनिर्माण सुविधा स्थापित करने के लिए जरूरी है।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।
प्रतिक्रिया भेजें