राजस्थान राज्य स्वास्थ्य विभाग ने दूरदराज़ के गाँवों सहित क्षय रोग के संदिग्ध मामलों की तेज़ी से पहचान के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता से लैस 29 उन्नत पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें तैनात करने की पहल शुरू की। ये मशीनें जाँच के नतीजे तुरंत दे सकती हैं, जिससे पहचान और उपचार शुरू होने के बीच का समय काफी घट सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की वैश्विक क्षय रोग रिपोर्ट 2025 के अनुसार, दुनिया में क्षय रोग के मामलों में भारत की हिस्सेदारी लगभग 25% है। राजस्थान सरकार की यह पहल 2025 तक क्षय रोग के उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप है, हालाँकि भारत ने इस लक्ष्य की समय-सीमा 2030 तक बढ़ा दी है। इन पोर्टेबल मशीनों को जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा सहित उन जिलों में मोबाइल जाँच वाहनों के ज़रिए तैनात किया जाएगा, जहाँ क्षय रोग का प्रकोप अधिक है।