राजस्थान सरकार ने 2026-27 शैक्षणिक सत्र से पहले शिक्षा नीति में एक महत्वपूर्ण सुधार की घोषणा की है: सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 में प्रवेश की न्यूनतम आयु 6 वर्ष से घटाकर 5 वर्ष कर दी गई है। 1 अप्रैल 2026 से लागू यह नीति सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने और उन्हें निजी स्कूलों के साथ तालमेल में लाने के उद्देश्य से लाई गई है।

आयु संशोधन के साथ-साथ राजस्थान ने सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र की शुरुआत जुलाई के बजाय अप्रैल से करने का भी निर्णय लिया है — जैसा कि राज्य के निजी स्कूलों में होता है। इससे सरकारी स्कूल के छात्रों को निजी स्कूलों के छात्रों की तुलना में देर से सत्र शुरू होने का नुकसान नहीं होगा।\n\nयह सुधार शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम 2009 के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, जो 6 से 14 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा की गारंटी देता है। 5 वर्ष की नई प्रवेश आयु से बच्चे RTE की आयु-सीमा में आने से पहले ही सरकारी स्कूली शिक्षा तक पहुँच सकेंगे।

राज्य शिक्षा अधिकारियों ने कहा कि 2026-27 के प्रवेश के लिए यह बदलाव राजस्थान के सभी सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में लागू होगा। इससे प्राथमिक स्तर पर सकल नामांकन अनुपात (GER) बेहतर होने और निजी-सरकारी नामांकन अंतर कम होने की उम्मीद है। आलोचकों का कहना है कि बुनियादी ढाँचे की तैयारी — कक्षाएँ, शिक्षक और मध्याह्न भोजन — भी साथ में सुनिश्चित करनी होगी।