साहित्य का नोबेल पुरस्कार 2025 हंगरी के लेखक लास्ज़लो क्रास्नाहोर्काई को मिला। उन्हें ऐसी सम्मोहक और दूरदर्शी कृतियों के लिए चुना गया जो प्रलयकारी भय के बीच भी कला की ताकत पर फिर से भरोसा जगाती हैं। उन्हें काफ्का से थॉमस बर्नहार्ड तक फैली मध्य यूरोपीय परंपरा में विशाल फलक पर लिखने वाले महान कथाकार के रूप में देखा जाता है। बेतुकापन और वीभत्सता का अतिरेक इस परंपरा की खासियत है।

क्रास्नाहोर्काई अपने लंबे, सम्मोहक वाक्यों और पतन तथा इंसानी दशा जैसे विषयों को टटोलने वाले उपन्यासों के लिए जाने जाते हैं। उनकी प्रमुख कृतियों में 'शैतानटैंगो' (1985), 'द मेलानकोली ऑफ रेजिस्टेंस' (1989) और 'बैरन वेंकहाइम्स होमकमिंग' (2016) शामिल हैं। प्रसिद्ध निर्देशक बेला टार ने उनके कई उपन्यासों को फ़िल्मों में रूपांतरित किया है।