प्रकाशित: 22 अक्टूबर 2025राजस्थान
राजस्थान ने PM-KUSUM सौर योजना के तहत 2,000 MW का आंकड़ा पार किया
राजस्थान PM-KUSUM योजना के तहत सवाई माधोपुर जिले के कोलडा गांव में नवनिर्मित 1.82 MW सौर संयंत्र के साथ 2,000 MW का आंकड़ा पार कर गया और कुल स्थापित क्षमता 2,001 MW हो गई। मई 2025 में 1,000 MW पार करने के बाद राजस्थान ने कम समय में अपनी सौर क्षमता दोगुनी कर दी।
राजस्थान कंपोनेंट-A (अर्ध-बंजर कृषि भूमि पर ग्रिड से जुड़ी सौर परियोजनाएं) में देश में प्रथम और कंपोनेंट-C (कृषि पंपों के सौरकरण) में तीसरे स्थान पर है। 2019 में शुरू PM-KUSUM योजना का लक्ष्य विकेंद्रीकृत सौर संयंत्रों के जरिए 30.8 GW सौर क्षमता स्थापित करना है।
0
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराजस्थानप्रकारयोजनाविषयआर्थिकपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनों
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2025 में राजस्थान ने PM-KUSUM के तहत कौन सा सौर मील का पत्थर पार किया?
राजस्थान ने 2025 में **PM-KUSUM योजना** के तहत **2,000 MW की स्थापित सौर क्षमता** पार की, जिससे भारत में किसान-केंद्रित सौर ऊर्जा तैनाती में अग्रणी राज्य के रूप में अपनी स्थिति मजबूत हुई।
PM-KUSUM राजस्थान के किसानों को सौर ऊर्जा से कैसे मदद करता है?
**PM-KUSUM** के तहत राजस्थान के किसानों को **सौर सिंचाई पंप** मिलते हैं और वे भूमि-आधारित सौर संयंत्र लगा सकते हैं, जिससे सिंचाई के लिए बिजली बिल कम होता है और अतिरिक्त सौर बिजली बेचने से आय होती है।
PM-KUSUM क्या है और इसका पूरा नाम क्या है?
**PM-KUSUM** का पूरा नाम **प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान** है। यह केंद्र सरकार की योजना है, जिसके तहत किसानों को कृषि उपयोग के लिए सौर ऊर्जा से जुड़े साधन और अतिरिक्त आय का अवसर मिलता है।
PM-KUSUM सौर योजना के तहत राजस्थान सबसे आगे क्यों है?
राजस्थान में **भरपूर सौर विकिरण, विशाल कृषि भूमि**, अनुकूल राज्य नीति और सौर सिंचाई में किसानों की भागीदारी के कारण राज्य PM-KUSUM के कार्यान्वयन में आगे है।
भारत की ग्रामीण ऊर्जा के लिए PM-KUSUM योजना का व्यापक लक्ष्य क्या है?
PM-KUSUM का लक्ष्य भारत में **35 लाख कृषि पंपों को सौर ऊर्जा से जोड़ना** है, ताकि किसानों को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा मिले, डीजल खपत कम हो और कार्बन उत्सर्जन घटे।