53वें नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 का उद्घाटन 10 जनवरी को भारत मंडपम, नई दिल्ली में हुआ और यह 18 जनवरी तक जारी रहेगा। शिक्षा मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT) द्वारा आयोजित इस मेले में 1,000 से अधिक प्रकाशक और 600 से अधिक कार्यक्रम हैं। 2026 संस्करण का मुख्य विषय "भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य और ज्ञान @75" है। मेले में राजस्थान साहित्य अकादमी (अजमेर) और जयपुर के निजी प्रकाशकों की प्रमुख उपस्थिति है, जो मीराबाई, कबीर और आधुनिक राजस्थानी साहित्य सहित राज्य की समृद्ध साहित्यिक विरासत को सामने लाती है। NBT का पठन संस्कृति को बढ़ावा देने का उद्देश्य NEP 2020 की बहुभाषी शिक्षा की भावना के अनुरूप है।
नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026: भारत मंडपम में 53वां संस्करण (10-18 जनवरी), 1,000+ प्रकाशक, निःशुल्क प्रवेश और साहित्य में AI पर विशेष ध्यान
53वाँ नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 भारत मंडपम, नई दिल्ली में 10 जनवरी को शुरू हुआ और 18 जनवरी तक जारी रहेगा। शिक्षा मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT) द्वारा आयोजित इस मेले में 1,000 से अधिक प्रकाशक और 600 से अधिक कार्यक्रम शामिल हैं। 2026 संस्करण का विषय कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साहित्य के अंतर्संबंध पर केंद्रित है। मेले में राजस्थान साहित्य अकादमी (अजमेर) और जयपुर के निजी प्रकाशकों की प्रमुख भागीदारी है, जो मीराबाई, कबीर और आधुनिक राजस्थानी साहित्य सहित राज्य की समृद्ध साहित्यिक विरासत को रेखांकित करती है। NBT का पठन संस्कृति को बढ़ावा देने का मिशन NEP 2020 की बहुभाषी शिक्षा की भावना के अनुरूप है।
मुख्य तथ्य
- 53वाँ नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 भारत मंडपम में 10-18 जनवरी तक आयोजित हुआ।
- इसमें 1,000 से अधिक प्रकाशक और 600+ कार्यक्रम शामिल थे, जिनमें पुस्तक विमोचन और कार्यशालाएँ थीं।
- 2026 का विषय कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साहित्य के अंतर्संबंध पर केंद्रित था।
- मेला शिक्षा मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT) ने आयोजित किया और प्रवेश निःशुल्क था।
- राजस्थान साहित्य अकादमी (अजमेर) और जयपुर के प्रकाशकों की प्रमुख उपस्थिति रही।
- यह आयोजन NEP 2020 की बहुभाषी शिक्षा और देशज ज्ञान प्रणालियों की भावना के अनुरूप है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: पठन संस्कृति तथा एनईपी 2020 के उद्देश्यों के साथ 53वें नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले 2026 के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
53वाँ नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला (10–18 जनवरी 2026) भारत मंडपम में शिक्षा मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा आयोजित हुआ, जिसमें 1,000+ प्रकाशक और 600+ कार्यक्रम शामिल रहे। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साहित्य विषय, राजस्थान साहित्य अकादमी की भागीदारी तथा हिंदी-केंद्रित दृष्टिकोण एनईपी 2020 के बहुभाषी शिक्षा एवं स्वदेशी ज्ञान उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हैं।
इस विषय की स्थिर तैयारी
इस खबर के पीछे का स्थायी सिलेबस पढ़ें।
6-अक्ष वर्गीकरण
यह टॉपिक में दिखता है
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
53वाँ नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 किस स्थल पर 10 जनवरी को उद्घाटित किया गया?
लेख के अनुसार, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा आयोजित 53वाँ नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 का उद्घाटन 10 जनवरी को भारत मंडपम, नई दिल्ली में हुआ और यह 18 जनवरी 2026 तक चलता रहा।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
53वाँ नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 कहाँ और कब आयोजित हुआ?
53वाँ नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 भारत मंडपम, नई दिल्ली में 10 से 18 जनवरी 2026 तक आयोजित हुआ। पूरे मेले में सभी आगंतुकों के लिए प्रवेश निःशुल्क था।
नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले का आयोजन कौन करता है और यह किस मंत्रालय के अंतर्गत आता है?
नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले का आयोजन राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT) करता है जो शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत कार्य करता है। NBT पुस्तकों और पठन संस्कृति को बढ़ावा देने वाली नोडल एजेंसी है।
2026 के नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले का विषय क्या था?
2026 संस्करण का विषय कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साहित्य का अंतर्संबंध था, जिसमें यह देखा गया कि AI पठन, लेखन और प्रकाशन को कैसे बदल रहा है। यह विषय संस्कृति में तकनीक की भूमिका पर समकालीन बहस को दर्शाता है।
2026 के विश्व पुस्तक मेले में राजस्थान का प्रतिनिधित्व कैसा रहा?
राजस्थान साहित्य अकादमी (अजमेर) और जयपुर के निजी प्रकाशकों की मेले में प्रमुख उपस्थिति रही। उन्होंने मीराबाई, कबीर और आधुनिक राजस्थानी साहित्य सहित राज्य की समृद्ध साहित्यिक विरासत को प्रदर्शित किया।
नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला NEP 2020 से कैसे जुड़ा है?
यह मेला NEP 2020 की बहुभाषी शिक्षा और देशज ज्ञान प्रणालियों पर जोर देने की भावना से मेल खाता है। यह क्षेत्रीय भाषाओं के साहित्य और मातृभाषा में पुस्तक पठन को बढ़ावा देता है जो NEP 2020 के प्रमुख स्तंभ हैं।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।
प्रतिक्रिया भेजें