प्रकाशित: 5 मार्च 2026शासन
एजुकेट गर्ल्स की सफ़ीना हुसैन TIME की 'वुमन ऑफ़ द ईयर 2026' सूची में शामिल
भारत की गैर-सरकारी संस्था एजुकेट गर्ल्स की संस्थापक सफ़ीना हुसैन को 16 वैश्विक नेताओं के साथ TIME की 'वुमन ऑफ़ द ईयर 2026' सूची में शामिल किया गया। एजुकेट गर्ल्स ग्रामीण भारत में स्कूल से बाहर लड़कियों का दाखिला कराने और उनकी पढ़ाई के नतीजे सुधारने के लिए काम करती है। संस्था ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के स्कूलों में 20 लाख से अधिक लड़कियों का दाखिला कराया है।
हुसैन ने यूबीएस ऑप्टिमस फ़ाउंडेशन के साथ शिक्षा के क्षेत्र में दुनिया का पहला विकास प्रभाव बॉन्ड (DIB) शुरू किया, जिसने राजस्थान में अपने तय लक्ष्यों से बेहतर नतीजे दिए। उनके मॉडल में 'टीम बालिका' के सामुदायिक स्वयंसेवक दूरस्थ गाँवों में घर-घर जाते हैं। राजस्थान में एजुकेट गर्ल्स ने अपना काम शुरू किया था और वहाँ चुने गए जिलों में लड़कियों के स्कूल में दाखिले की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एजुकेट गर्ल्स की सफ़ीना हुसैन को TIME की वुमन ऑफ़ द ईयर 2026 सूची में क्यों शामिल किया गया?
**एजुकेट गर्ल्स** की संस्थापक **सफ़ीना हुसैन** को **TIME की वुमन ऑफ़ द ईयर 2026** सूची में 16 वैश्विक नेताओं के साथ शामिल किया गया। उन्होंने राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के स्कूलों में **20 लाख से अधिक लड़कियों** का दाखिला कराने और शिक्षा के क्षेत्र में दुनिया का पहला **विकास प्रभाव बॉन्ड (DIB)** शुरू करने की पहल की।
एजुकेट गर्ल्स ने कितनी लड़कियों का दाखिला कराया है और यह किन राज्यों में काम करती है?
**एजुकेट गर्ल्स** ने **राजस्थान**, **मध्य प्रदेश** और **उत्तर प्रदेश** के स्कूलों में **20 लाख से अधिक लड़कियों** का दाखिला कराया है। संस्था के '**टीम बालिका**' सामुदायिक स्वयंसेवक दूरस्थ गाँवों में घर-घर जाकर स्कूल से बाहर लड़कियों की पहचान करते हैं और उनका दाखिला कराते हैं।
सफ़ीना हुसैन और एजुकेट गर्ल्स द्वारा शुरू किया गया विकास प्रभाव बॉन्ड क्या है?
**सफ़ीना हुसैन** ने **यूबीएस ऑप्टिमस फ़ाउंडेशन** के साथ राजस्थान में शिक्षा के क्षेत्र में दुनिया का **पहला विकास प्रभाव बॉन्ड (DIB)** शुरू किया। यह नतीजों पर आधारित वित्तीय व्यवस्था है। इसमें निवेशक शुरुआत में पूंजी देते हैं और तय लक्ष्य पूरे होने पर भुगतान की ज़िम्मेदारी लेने वाली संस्था उन्हें मूल राशि और प्रतिफल चुकाती है। एजुकेट गर्ल्स के इस बॉन्ड ने राजस्थान में अपने **तय लक्ष्यों से बेहतर नतीजे** दिए।
'टीम बालिका' क्या है और एजुकेट गर्ल्स राजस्थान में इसका इस्तेमाल कैसे करती है?
**'टीम बालिका'** एजुकेट गर्ल्स के सामुदायिक स्वयंसेवकों का नेटवर्क है। ये स्वयंसेवक **दूरस्थ गाँवों में घर-घर** जाकर स्कूल से बाहर लड़कियों की पहचान करते हैं और उनका दाखिला कराते हैं। राजस्थान में, जहाँ संस्था का काम शुरू हुआ था, यह तरीका उसकी सफलता का आधार रहा। बाद में इसे मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भी अपनाया गया और इससे **20 लाख से अधिक लड़कियों** का दाखिला हुआ।
एजुकेट गर्ल्स की स्थापना किसने की और 2026 में TIME ने उसे क्या मान्यता दी?
**एजुकेट गर्ल्स** की स्थापना **सफ़ीना हुसैन** ने की। उन्हें **TIME की वुमन ऑफ़ द ईयर 2026** सूची में 16 वैश्विक नेताओं के साथ शामिल किया गया। संस्था ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में **20 लाख से अधिक लड़कियों** का दाखिला कराया है और यूबीएस ऑप्टिमस फ़ाउंडेशन के साथ शिक्षा के क्षेत्र में दुनिया का पहला **विकास प्रभाव बॉन्ड** शुरू किया है।