राजस्थान सरकार की रामजल सेतु लिंक परियोजना (RSLP), संशोधित पार्वती-कालीसिंग-चंबल-पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (PKC-ERCP) का नया नाम है। यह पूर्वी राजस्थान की लंबे समय से चली आ रही जल कमी को दूर करने के लिए एक बड़ी अंतर-राज्यीय नदी जोड़ने वाली पहल के रूप में आगे बढ़ रही है। मूल त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन 28 जनवरी 2024 को मध्य प्रदेश, राजस्थान और भारत सरकार के प्रतिनिधियों ने संशोधित PKC लिंक की व्यापक योजना और ERCP के साथ उसके एकीकरण तथा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए हस्ताक्षरित किया था। राजस्थान सरकार ने जनवरी 2025 में PKC-ERCP लिंक नहर का नाम बदलकर रामजल सेतु लिंक परियोजना कर दिया। परियोजना के तहत पूर्वी राजस्थान के लगभग 21 जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के मालवा और चंबल क्षेत्रों को पेय और औद्योगिक जल देने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही दोनों राज्यों में प्रत्येक में लगभग 2.8 लाख हेक्टेयर या अधिक क्षेत्र में सिंचाई उपलब्ध कराई जानी है। परियोजना अभी DPR तैयार करने के चरण में है। इसके बाद राजस्थान, मध्य प्रदेश और केंद्र सरकार के बीच जल साझाकरण, लागत साझाकरण, कार्यान्वयन, प्रबंधन और नियंत्रण से जुड़ा समझौता ज्ञापन होगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जल सुरक्षा को लगातार प्राथमिकता दी है। उन्होंने केंद्र सरकार के साथ अपनी बैठकों में रामजल सेतु, ERCP और यमुना जल समझौते का मुद्दा उठाया। राजस्थान और हरियाणा के प्रयासों के बाद यमुना जल समझौते के लिए एक ऐतिहासिक MoU पर हस्ताक्षर हुए। यह परियोजना पूर्वी जिलों में पेयजल सुरक्षित करने, सिंचाई का विस्तार करने और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने की राजस्थान की रणनीति का मुख्य आधार है।
राजस्थान की रामजल सेतु लिंक परियोजना, संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल-पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का नया नाम; पूर्वी राजस्थान के लगभग 21 जिलों को पेयजल, सिंचाई और औद्योगिक जल उपलब्ध कराने की दिशा में कदम
राजस्थान की रामजल सेतु लिंक परियोजना, जो संशोधित PKC-ERCP का नया नाम है, पूर्वी राजस्थान के लगभग 21 जिलों को पेय, सिंचाई और औद्योगिक जल देने के लिए अंतर-राज्य नदी-जोड़ो परियोजना के रूप में आगे बढ़ रही है; त्रिपक्षीय MoU पर 28 जनवरी 2024 को हस्ताक्षर हुए, और परियोजना DPR चरण में है।
मुख्य तथ्य
- रामजल सेतु लिंक परियोजना (RSLP) संशोधित पार्वती-कालीसिंग-चंबल-पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (PKC-ERCP) का नया नाम है
- मध्य प्रदेश, राजस्थान और भारत सरकार के बीच त्रिपक्षीय MoU पर 28 जनवरी 2024 को हस्ताक्षर हुए
- PKC-ERCP नहर का नाम जनवरी 2025 में रामजल सेतु लिंक परियोजना रखा गया
- परियोजना पूर्वी राजस्थान के लगभग 21 जिलों और MP के मालवा-चंबल क्षेत्रों को पेय और औद्योगिक जल देगी
- यह राजस्थान और मध्य प्रदेश, प्रत्येक में लगभग 2.8 लाख हेक्टेयर या अधिक क्षेत्र में सिंचाई उपलब्ध कराएगी
- परियोजना की DPR तैयार करने का काम चल रहा है; मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रामजल सेतु, ERCP और यमुना जल समझौते को प्राथमिकता दी
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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अभिकथन (A): रामजल सेतु लिंक परियोजना पूर्वी राजस्थान में जल सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। कारण (R): परियोजना का लक्ष्य पूर्वी राजस्थान के लगभग 21 जिलों को पेय, सिंचाई और औद्योगिक जल प्रदान करना है। सही विकल्प चुनें:
A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या करता है। परियोजना पूर्वी राजस्थान की जल सुरक्षा के लिए ठीक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका लक्ष्य क्षेत्र के लगभग 21 जिलों को पेय, सिंचाई और औद्योगिक जल देना है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
संशोधित PKC-ERCP परियोजना का नया नाम क्या है?
इसका नाम बदलकर रामजल सेतु लिंक परियोजना (RSLP) कर दिया गया; राजस्थान सरकार ने जनवरी 2025 में यह नाम रखा।
परियोजना के लिए त्रिपक्षीय MoU पर कब हस्ताक्षर हुए?
मध्य प्रदेश, राजस्थान और भारत सरकार के बीच त्रिपक्षीय MoU पर 28 जनवरी 2024 को हस्ताक्षर हुए।
पूर्वी राजस्थान के कितने जिले लाभान्वित होंगे?
परियोजना के तहत पूर्वी राजस्थान के लगभग 21 जिलों तथा मध्य प्रदेश के मालवा और चंबल क्षेत्रों को जल उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।
परियोजना वर्तमान में किस चरण में है?
यह विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के चरण में है, जिसके बाद जल और लागत साझाकरण पर एक समझौता ज्ञापन होगा।
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