मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने केंद्रीय बजट से एक दिन पहले, 31 जनवरी 2026 को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 प्रस्तुत किया। प्रमुख बातें: वित्त वर्ष 2025-26 में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 7.4% और सकल मूल्य वर्धन (GVA) 7.3% बढ़ा। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वृद्धि दर 6.8-7.2% रहने का अनुमान है। अप्रैल-दिसंबर 2025 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित मुद्रास्फीति औसतन 1.7% रही, जो वर्तमान श्रृंखला (2012=100) का अब तक का सबसे निचला स्तर है। वित्त वर्ष 2025-26 में विनिर्माण GVA की वृद्धि दर पहली तिमाही में 7.72% और दूसरी तिमाही में 9.13% रही। सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर वित्त वर्ष 2024-25 के 7.2% से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 9.1% हो गई। उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं के तहत ₹2 लाख करोड़ से अधिक का निवेश हुआ, ₹18.7 लाख करोड़ का उत्पादन हुआ और 12.6 लाख नौकरियाँ पैदा हुईं। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) का अनुपात सितंबर 2025 में घटकर 2.2% रह गया, जो कई दशकों का सबसे निचला स्तर है। वैश्विक नवाचार सूचकांक में भारत 38वें स्थान पर पहुँच गया; 2019 में वह 66वें स्थान पर था। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत को विदेशों से भेजी गई 135.4 अरब अमेरिकी डॉलर की धनराशि मिली, जो दुनिया में सबसे अधिक थी।