7-8 सितंबर 2025 की रात को भारत के हर कोने से पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखाई दिया, जो 2022 के बाद सबसे लंबा ग्रहण था। इस ग्रहण का परिमाण 1.368 था, इसलिए यह गहरा पूर्ण ग्रहण था। पूर्णता के दौरान पृथ्वी के वायुमंडल ने सूर्य की रोशनी को मोड़ा और नीली तरंग दैर्ध्य को छान दिया, जिससे चंद्रमा तांबे जैसे लाल रंग में चमका — जिसे 'ब्लड मून' कहते हैं। यह 27 जुलाई 2018 के बाद पहली बार था जब ग्रहण पूरे भारत से दिखाई दिया। यह ग्रहण पितृ पक्ष के साथ मेल खाया, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ गया। वैज्ञानिकों ने कहा कि पूर्णता के दौरान चंद्रमा के रंग और चमक से पृथ्वी के वायुमंडल में धूल और एरोसोल के स्तर का डेटा मिलता है। ग्रहण के समय चंद्रमा कुंभ राशि में शतभिषा नक्षत्र में था।