राजस्थान का 'झीलों का शहर' उदयपुर 2025 में इंदौर के साथ प्रतिष्ठित रामसर आर्द्रभूमि शहर मान्यता (WCA) प्राप्त करने वाला भारत का पहला शहर बना। यह मान्यता पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा आयोजित स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार और आर्द्रभूमि शहर मान्यता समारोह के दौरान प्रदान की गई। उदयपुर पाँच प्रमुख आर्द्रभूमियों — पिछोला, फतेह सागर, रंग सागर, स्वरूप सागर और दूध तलाई से घिरा है। छह वर्षों के लिए मान्य यह WCA शहरी आर्द्रभूमि संरक्षण और जैव-विविधता सुरक्षा में उत्कृष्ट प्रयासों के लिए दी जाती है।
उदयपुर इंदौर के साथ भारत के पहले रामसर आर्द्रभूमि शहरों में शामिल — झील संरक्षण को वैश्विक मान्यता
राजस्थान का 'झीलों का शहर' उदयपुर 2025 में इंदौर के साथ प्रतिष्ठित रामसर आर्द्रभूमि शहर मान्यता (WCA) पाने वाला भारत का पहला शहर बना। यह मान्यता पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा आयोजित स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार और आर्द्रभूमि शहर मान्यता समारोह के दौरान प्रदान की गई। उदयपुर पाँच प्रमुख आर्द्रभूमियों — पिछोला, फतेह सागर, रंग सागर, स्वरूप सागर और दूध तलाई से घिरा है। छह वर्षों के लिए मान्य यह WCA शहरी आर्द्रभूमि संरक्षण और जैव-विविधता सुरक्षा में उत्कृष्ट प्रयासों के लिए दी जाती है।
मुख्य तथ्य
- उदयपुर, इंदौर के साथ भारत के पहले रामसर आर्द्रभूमि शहरों में शामिल हुआ।
- यह मान्यता स्वच्छ वायु सर्वेक्षण और आर्द्रभूमि मान्यता समारोह में दी गई।
- पांच आर्द्रभूमियां संरक्षित हैं: पिछोला, फतेह सागर, रंग सागर, स्वरूप सागर, दूध तलाई।
- रामसर WCA छह वर्षों के लिए मान्य रहता है और शहरी आर्द्रभूमि संरक्षण को मान्यता देता है।
- पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने समारोह आयोजित किया।
- उदयपुर का आर्द्रभूमि प्रबंधन शहरी जैव-विविधता संरक्षण का मॉडल है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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2025 में उदयपुर किस अन्य भारतीय शहर के साथ रामसर आर्द्रभूमि शहर की मान्यता पाने वाले भारत के पहले शहरों में शामिल हुआ?
लेख के अनुसार उदयपुर इंदौर के साथ रामसर आर्द्रभूमि शहर मान्यता प्राप्त करने वाले भारत के पहले शहरों में से एक बन गया।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2025 में किन दो भारतीय शहरों को संयुक्त रूप से रामसर आर्द्रभूमि शहर के रूप में मान्यता दी गई?
उदयपुर और इंदौर को 2025 में संयुक्त रूप से भारत के पहले रामसर आर्द्रभूमि शहर के रूप में मान्यता दी गई। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा आयोजित स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार और आर्द्रभूमि शहर मान्यता समारोह में WCA प्रदान की गई।
उदयपुर की किन पाँच आर्द्रभूमियों ने रामसर आर्द्रभूमि शहर मान्यता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई?
उदयपुर की पाँच प्रमुख आर्द्रभूमियाँ — पिछोला, फतेह सागर, रंग सागर, स्वरूप सागर और दूध तलाई — रामसर WCA दिलाने में महत्वपूर्ण रहीं। ये परस्पर जुड़ी झीलें उदयपुर की शहरी आर्द्रभूमि प्रणाली की पारिस्थितिक रीढ़ हैं।
रामसर आर्द्रभूमि शहर मान्यता क्या है और यह कितने वर्षों के लिए मान्य है?
रामसर आर्द्रभूमि शहर मान्यता (WCA) उन शहरों को दी जाने वाली अंतरराष्ट्रीय पहचान है, जहाँ शहरी आर्द्रभूमि और जैव-विविधता का उत्कृष्ट प्रबंधन एवं संरक्षण किया जाता है। यह छह वर्षों के लिए मान्य है और आर्द्रभूमि संरक्षण से जुड़ी अंतर-सरकारी संधि रामसर कन्वेंशन के तहत प्रदान की जाती है।
उदयपुर को रामसर आर्द्रभूमि शहर मान्यता किस मंत्रालय द्वारा आयोजित समारोह में मिली?
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार और आर्द्रभूमि शहर मान्यता समारोह आयोजित किया, जहाँ उदयपुर को रामसर WCA मिला। MoEFCC रामसर कन्वेंशन और आर्द्रभूमि प्रबंधन के लिए भारत का नोडल मंत्रालय है।
RPSC परीक्षा की दृष्टि से उदयपुर को मिली रामसर आर्द्रभूमि शहर मान्यता राजस्थान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
उदयपुर की रामसर WCA इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राजस्थान के किसी शहर को मिली ऐसी पहली वैश्विक पहचान है। उदयपुर की पाँच आर्द्रभूमियाँ RPSC परीक्षाओं के भूगोल और पर्यावरण खंड में अक्सर पूछी जाती हैं, और इस मान्यता से शहर की पारिस्थितिक पहचान में समसामयिक घटनाओं का महत्व भी जुड़ जाता है।
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