वित्त मंत्रालय ने केंद्रीय बजट से पहले आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 जारी किया। इसमें FY 2025-26 में भारत की GDP वृद्धि 7.4% रहने का अनुमान लगाया गया है — FY 2024-25 के 6.5% से अधिक — जिससे लगातार चौथे वर्ष भारत के विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बने रहने की पुष्टि होती है। FY 2026-27 के लिए वास्तविक GDP वृद्धि 6.8% से 7.2% के बीच अनुमानित है। निजी अंतिम उपभोग व्यय की हिस्सेदारी 61.5% तक बढ़ी — 2011-12 के बाद सबसे अधिक। सर्वेक्षण में भारत-UK CETA, भारत-ओमान CEPA और भारत-न्यूजीलैंड FTA का उल्लेख किया गया। GST स्लैब युक्तिकरण और मध्यम वर्ग को प्रत्यक्ष कर छूट की घोषणा हुई। राजस्थान की अर्थव्यवस्था — पर्यटन, खनन, कृषि और MSME — सीधे केंद्रीय राजकोषीय नीतियों से प्रभावित होती है।
केंद्रीय बजट से पहले भारत का आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 जारी: वित्त वर्ष 2025-26 में सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि 7.4% अनुमानित, घरेलू उपभोग और विनिर्माण में सुधार से बढ़त की उम्मीद
वित्त मंत्रालय ने केंद्रीय बजट से पहले आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 जारी किया। इसमें FY 2025-26 में भारत की GDP वृद्धि 7.4% रहने का अनुमान है — FY 2024-25 के 6.5% से अधिक — और भारत लगातार चौथे वर्ष विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा। FY 2026-27 के लिए वास्तविक GDP वृद्धि 6.8% से 7.2% के बीच अनुमानित है। निजी अंतिम उपभोग व्यय की हिस्सेदारी 61.5% तक बढ़ी — 2011-12 के बाद सबसे अधिक। सर्वेक्षण में भारत-UK CETA, भारत-ओमान CEPA और भारत-न्यूजीलैंड FTA का उल्लेख किया गया। GST स्लैब युक्तिकरण और मध्यम वर्ग को प्रत्यक्ष कर छूट की घोषणा हुई। राजस्थान की अर्थव्यवस्था — पर्यटन, खनन, कृषि और MSME — सीधे केंद्रीय राजकोषीय नीतियों से प्रभावित होती है।
मुख्य तथ्य
- आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 ने FY26 में भारत की GDP वृद्धि 7.4% रहने का अनुमान लगाया — विश्व की सबसे तेज प्रमुख अर्थव्यवस्था।
- निजी अंतिम उपभोग व्यय 61.5% तक बढ़ा — 2011-12 के बाद सबसे अधिक।
- वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र ने 9% की मजबूत वृद्धि दर्ज की।
- भारत ने तीन व्यापार समझौते किए: भारत-UK CETA, भारत-ओमान CEPA और भारत-न्यूजीलैंड FTA।
- GST स्लैब युक्तिकरण और मध्यम वर्ग को प्रत्यक्ष कर छूट प्रमुख सुधार बताए गए।
- राजस्थान का पर्यटन, खनन, कृषि और MSME सीधे केंद्रीय राजकोषीय नीतियों से लाभान्वित होते हैं।
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आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि कितनी है?
लेख में कहा गया है कि आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि 7.4% अनुमानित करता है, जो वित्त वर्ष 2024-25 में दर्ज 6.5% से अधिक है, और भारत की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में स्थिति की पुष्टि करता है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 ने FY26 में भारत की GDP वृद्धि दर कितनी अनुमानित की और इसके पीछे मुख्य कारण क्या बताया?
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 ने FY 2025-26 में भारत की GDP वृद्धि 7.4% अनुमानित की, जो FY 2024-25 के 6.5% से अधिक है। यह वृद्धि मुख्य रूप से घरेलू उपभोग — निजी अंतिम उपभोग व्यय का GDP में 61.5% (2011-12 के बाद सर्वाधिक) तक बढ़ना — और विनिर्माण क्षेत्र में मजबूत सुधार से प्रेरित रही।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में उल्लिखित भारत के तीन प्रमुख व्यापार समझौते कौन-से थे?
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 ने भारत द्वारा संपन्न तीन महत्वपूर्ण व्यापार समझौतों का उल्लेख किया: भारत-UK व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA), भारत-ओमान व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA) और भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA)। इन समझौतों से भारत के निर्यात बाजारों के विस्तार और विदेशी निवेश आकर्षित करने की उम्मीद है।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में उद्धृत निजी अंतिम उपभोग व्यय के आंकड़े का क्या महत्व है?
FY26 में निजी अंतिम उपभोग व्यय GDP का 61.5% तक बढ़ा — 2011-12 के बाद सर्वाधिक अनुपात — जो घरेलू खर्च में मजबूत सुधार का संकेत देता है। यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि घरेलू उपभोग भारत की GDP का सबसे बड़ा आधार है, और इसके फिर मजबूत होने से सभी आय समूहों में व्यापक आर्थिक सुधार का संकेत मिलता है।
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार FY26 की दूसरी तिमाही में भारत के विनिर्माण क्षेत्र ने कितनी वृद्धि दर्ज की?
वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत का विनिर्माण क्षेत्र 9% की वृद्धि दर्ज कर मजबूती से उबरा। यह सुधार घरेलू माँग बढ़ने, निर्यात में वृद्धि और प्रमुख विनिर्माण उद्योगों को बढ़ावा देने वाली उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन (PLI) योजना के तहत नीतिगत उपायों के कारण हुआ।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 का केंद्रीय बजट से क्या संबंध है और केंद्रीय राजकोषीय नीतियाँ राजस्थान के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?
आर्थिक सर्वेक्षण मुख्य आर्थिक सलाहकार द्वारा वित्त मंत्रालय की ओर से केंद्रीय बजट से एक दिन पहले प्रस्तुत किया जाता है। राजस्थान के लिए केंद्रीय राजकोषीय नीतियाँ राज्य के पर्यटन, खनन, कृषि और MSME क्षेत्रों पर सीधा असर डालती हैं, जो राज्य की अर्थव्यवस्था के प्रमुख स्तंभ हैं।
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