मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में राजस्थान मंत्रिमंडल ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के सदस्यों की संख्या 7 से बढ़ाकर 10 करने की मंजूरी दी। यह निर्णय लंबित मामलों को कम करने, भर्ती परीक्षाओं में तेजी लाने और राज्य में सरकारी रिक्तियों को समय पर भरने के लिए लिया गया। संशोधन राजस्थान लोक सेवा आयोग (सेवा की शर्तें) विनियमन, 1974 के तहत किया गया। तीन नए सदस्य पदों का सृजन RPSC की परीक्षा और भर्ती संबंधी कार्यों में कार्यभार के बेहतर वितरण के लिए किया गया। यह निर्णय उन युवाओं और परीक्षार्थियों के लिए राहत लेकर आया जो RPSC परीक्षाओं में देरी की शिकायत करते रहे हैं। यह विस्तार भजनलाल शर्मा सरकार के व्यापक शासन सुधार एजेंडे का हिस्सा है।
राजस्थान कैबिनेट ने भर्ती प्रक्रिया में तेजी के लिए RPSC सदस्यों की संख्या 7 से बढ़ाकर 10 की
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में राजस्थान मंत्रिमंडल ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के सदस्यों की संख्या 7 से बढ़ाकर 10 करने की मंजूरी दी। यह निर्णय लंबित मामलों को कम करने, भर्ती परीक्षाओं में तेजी लाने और राज्य में सरकारी रिक्तियों को समय पर भरने के लिए लिया गया। संशोधन राजस्थान लोक सेवा आयोग (सेवा की शर्तें) विनियमन, 1974 के तहत किया गया। तीन नए सदस्य पद इसलिए सृजित किए गए कि RPSC के परीक्षा और भर्ती संबंधी काम का बोझ बेहतर ढंग से बंट सके। यह निर्णय उन युवाओं और परीक्षार्थियों के लिए राहत लेकर आया जो RPSC परीक्षाओं में देरी की शिकायत करते रहे हैं। यह विस्तार भजनलाल शर्मा सरकार के व्यापक शासन सुधार एजेंडे का हिस्सा है।
मुख्य तथ्य
- राजस्थान कैबिनेट ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में RPSC सदस्यों की संख्या 7 से 10 करने की मंजूरी दी।
- राजस्थान लोक सेवा आयोग (सेवा की शर्तें) विनियमन, 1974 के तहत संशोधन किया गया।
- लंबित मामले कम करने और भर्ती परीक्षाओं में तेजी के लिए तीन नए सदस्य पद सृजित।
- उद्देश्य राजस्थान में सरकारी रिक्तियों को समय पर भरना सुनिश्चित करना है।
- RPSC परीक्षाओं में देरी झेल रहे युवा समूहों और परीक्षार्थियों ने इस कदम का स्वागत किया।
- यह हील इन राजस्थान और टाउनशिप नीति सहित व्यापक शासन सुधारों का हिस्सा है।
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स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान कैबिनेट ने RPSC सदस्यों की संख्या 7 से 10 करने का निर्णय क्यों लिया?
राजस्थान कैबिनेट ने लंबित मामलों को कम करने, भर्ती परीक्षाओं में तेजी लाने और राज्य में सरकारी रिक्तियों को समय पर भरने के लिए सदस्यों की संख्या बढ़ाई। RPSC की परीक्षा और भर्ती गतिविधियों का कार्यभार बेहतर ढंग से बंट सके, इसलिए तीन नए सदस्य पद सृजित किए गए।
RPSC में सदस्यों की संख्या बढ़ाने का फैसला किस विनियमन के तहत किया गया?
संशोधन राजस्थान लोक सेवा आयोग (सेवा की शर्तें) विनियमन, 1974 में किया गया। यह विनियमन RPSC सदस्यों की सेवा के नियम एवं शर्तों को नियंत्रित करता है और इस संशोधन से सदस्यों की संख्या 7 से बढ़ाकर 10 करना संभव हुआ।
राजस्थान लोक सेवा आयोग का संवैधानिक आधार क्या है और इसके सदस्यों की नियुक्ति कौन करता है?
राजस्थान लोक सेवा आयोग का संवैधानिक आधार भारतीय संविधान का अनुच्छेद 315 है, जिसके तहत प्रत्येक राज्य के लिए लोक सेवा आयोग की स्थापना का प्रावधान है। राजस्थान के राज्यपाल मुख्यमंत्री की सलाह पर RPSC सदस्यों की नियुक्ति करते हैं।
RPSC विस्तार को किसके नेतृत्व में और कब मंजूरी मिली?
राजस्थान कैबिनेट ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में RPSC सदस्यों की संख्या बढ़ाने को मंजूरी दी। यह निर्णय हील इन राजस्थान पहल और नई टाउनशिप नीति सहित व्यापक शासन सुधारों का हिस्सा था।
RPSC सदस्यता बढ़ाने से राज्य भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को कैसे लाभ मिलता है?
RPSC में अधिक सदस्य होने से एक साथ कई परीक्षाओं की प्रक्रिया और परिणामों का मूल्यांकन तेजी से किया जा सकता है, जिससे भर्ती चक्र में देरी कम होती है। इससे अभ्यर्थियों को परीक्षा अधिसूचना, परीक्षा और अंतिम नियुक्ति आदेश के बीच प्रतीक्षा अवधि कम होने का सीधा लाभ मिलता है।
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