राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी एसीबी ने अक्टूबर 2025 में एक अहम उपलब्धि दर्ज की। हेल्पलाइन 1064 और व्हाट्सएप नंबर पर मिली शिकायतों के आधार पर एसीबी ने एक ही वर्ष में 100 सफल ट्रैप कार्रवाइयां पूरी कीं। यह तथ्य राज्य प्रशासन में भ्रष्टाचार-निरोधक कार्रवाई, नागरिक शिकायत तंत्र और जवाबदेही से जुड़े प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण है।
एसीबी मुख्य रूप से चार तरह के मामलों से निपटती है: ट्रैप केस, अनुपातहीन संपत्ति के मामले, गबन के मामले और पद के दुरुपयोग के मामले। ट्रैप कार्रवाई का संबंध आम तौर पर सरकारी सेवक द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत से जुड़ता है, जिसमें शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो आगे की कार्रवाई करता है। हेल्पलाइन 1064 का महत्व इसलिए है कि यह नागरिकों को रिश्वत मांगने की शिकायत सीधे दर्ज कराने का रास्ता देती है।
यह उपलब्धि भजनलाल शर्मा सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता की घोषित नीति से जोड़ी गई है। प्रशासनिक दृष्टि से इसका अर्थ है कि राज्य में भ्रष्टाचार-निरोधक तंत्र को शिकायत, जांच और अभियोजन की प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है। एसीबी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जांच और अभियोजन के लिए राज्य के विभिन्न विभागों के साथ समन्वय करती है।
RAS, UPSC और अन्य राज्य परीक्षाओं में हेल्पलाइन 1064, एसीबी के कार्यक्षेत्र, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और नागरिक-केंद्रित शिकायत तंत्र पर सीधे तथ्यात्मक प्रश्न पूछे जा सकते हैं। उत्तर लिखते समय इसे शिकायत-आधारित भ्रष्टाचार-निरोधक कार्रवाई और प्रशासनिक जवाबदेही के उदाहरण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
