संसद की 18वीं लोकसभा का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर 2025 को शुरू हुआ। सरकार ने 13 विधेयक पेश करने की योजना बनाई थी, लेकिन पहले ही दिन से विपक्ष ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर वॉकआउट कर दिया।
INDIA गठबंधन की पार्टियों ने आरोप लगाया कि बूथ स्तरीय अधिकारी (BLOs) बिना उचित प्राधिकरण के घर-घर सर्वेक्षण कर रहे हैं और इस प्रक्रिया का राजनीतिक दुरुपयोग किया जा रहा है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने पूर्ण बहस तथा सरकार की तरफ से एक बयान की माँग की।
पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा दोनों कुछ ही मिनटों में स्थगित हो गईं — कोई विधायी कार्य नहीं हुआ। दूसरे दिन (2 दिसंबर) को भी यही स्थिति रही। विपक्षी सदस्य सदन में नारे लगाते रहे। सरकार ने SIR को एक संवैधानिक प्रक्रिया बताया और कहा कि यह एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय द्वारा संचालित है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से सदन को काम करने देने की अपील की। दोनों पक्षों के सदन नेताओं की बैठक में SIR पर बहस के लिए 9-10 दिसंबर तय किया गया। पहले दो दिनों में कोई भी विधेयक पारित नहीं हुआ।
