जम्मू-कश्मीर के छतरगला दर्रे पर जनवरी 2026 में सीमा सड़क संगठन का अभियान पर्वतीय क्षेत्रों में रणनीतिक संपर्क बनाए रखने का महत्वपूर्ण उदाहरण है। 23 जनवरी 2026 को भारी बर्फबारी के बाद 10,500 फीट ऊंचे छतरगला दर्रे पर 5-6 फीट बर्फ जम गई और लगभग 38 किमी सड़क अवरुद्ध हो गई। इसके बाद प्रोजेक्ट संपर्क के तहत बर्फ हटाने और सड़क बहाल करने का अभियान चलाया गया। यह काम शून्य से नीचे तापमान में लगभग 40 घंटे तक चला और 25 जनवरी 2026 की शाम तक मार्ग खोल दिया गया। इससे 20 फंसे नागरिकों और 40 सैनिकों को सुरक्षित निकाला जा सका।

परीक्षा की दृष्टि से यह घटना केवल एक बचाव अभियान नहीं है। यह सीमा सड़क संगठन की भूमिका, सीमा और पहाड़ी क्षेत्रों में अवसंरचना, आपदा जैसी स्थिति में प्रशासनिक प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संपर्क मार्गों की अहमियत से जुड़ती है। सीमा सड़क संगठन की स्थापना 1960 में सीमावर्ती क्षेत्रों में संपर्क और रणनीतिक अवसंरचना को मजबूत करने के लिए की गई थी। यह 2015 से रक्षा मंत्रालय के नियंत्रण में काम कर रहा है। इसलिए ऐसे समाचार में समसामयिकी के साथ स्टैटिक जीके भी जुड़ता है: संगठन, मंत्रालय, स्थापना वर्ष, पहाड़ी सड़क रखरखाव और जम्मू क्षेत्र की भौगोलिक चुनौतियां।

प्रीलिम्स में 38 किमी, 5-6 फीट बर्फ, 10,500 फीट ऊंचाई, जनवरी 2026 और सीमा सड़क संगठन जैसे तथ्य पूछे जा सकते हैं। मुख्य परीक्षा में इसे सीमावर्ती अवसंरचना, कठिन भूभाग में सेवाएं पहुंचाने, नागरिक-सैन्य समन्वय और दूरस्थ क्षेत्रों में हर मौसम में संपर्क की जरूरत से जोड़ा जा सकता है।