प्रकाशित: 2 फ़रवरी 2026समाचार स्रोतशासन
16वें वित्त आयोग ने लू और बिजली गिरने को राष्ट्रीय आपदाओं की सूची में शामिल करने तथा राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) और राज्य आपदा शमन कोष (SDMF) के लिए ₹2,04,401 करोड़ का प्रावधान करने की सिफारिश की (2026–2031)
16वें वित्त आयोग ने 17 नवंबर 2025 को राष्ट्रपति को अपनी रिपोर्ट सौंपी। इसमें आयोग ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत राष्ट्रीय स्तर पर अधिसूचित आपदाओं की सूची में लू और बिजली गिरने को शामिल करने की औपचारिक सिफारिश की। यह सिफारिश 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण के बाद व्यापक सार्वजनिक चर्चा में आई और 2 फरवरी की नीतिगत चर्चाओं में प्रमुख मुद्दा बनी रही।
आयोग ने 2026-27 से 2030-31 की पाँच वर्षीय अवधि के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) और राज्य आपदा शमन कोष (SDMF) में कुल ₹2,04,401 करोड़ का प्रावधान करने की सिफारिश की है। इसमें केंद्र की हिस्सेदारी ₹1,55,915.85 करोड़ और राज्यों की हिस्सेदारी ₹48,485.15 करोड़ होगी।
यह सिफारिश मौतों के चिंताजनक आँकड़ों पर आधारित है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आँकड़ों के अनुसार, भारत में 2018 से 2022 के बीच गर्मी या लू के कारण 3,798 मौतें दर्ज की गईं। केवल 2022 में बिजली गिरने से 2,887 लोगों की मौत हुई, जो उस वर्ष प्राकृतिक कारणों से हुई कुल 8,060 मौतों का 35.8% थी। 1981 से 2022 के बीच बेहद गर्म दिनों की संख्या और तीव्रता में तेज़ वृद्धि दर्ज की गई। 2013, 2016, 2019, 2022 और 2024 में भीषण लू पड़ी।
फिलहाल राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष में चक्रवात, सूखा, भूकंप, आग, बाढ़, सुनामी, ओलावृष्टि, भूस्खलन, हिमस्खलन, बादल फटना, कीट आक्रमण, पाला और शीतलहर जैसी अधिसूचित आपदाएँ शामिल हैं। लू और बिजली गिरने को इस सूची में शामिल करने के बाद राज्य इन आपदाओं की रोकथाम, समय रहते चेतावनी और राहत कार्यों के लिए केंद्रीय आपदा निधि से अलग से धन प्राप्त कर सकेंगे। इस नीतिगत बदलाव से राजस्थान को सीधा लाभ होगा। राजस्थान का थार मरुस्थल वाला क्षेत्र भीषण गर्मी से गंभीर रूप से प्रभावित होता है और राज्य के जनजातीय इलाकों में बिजली गिरने से मौत के मामले बार-बार दर्ज होते हैं।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: लू और बिजली गिरने को राष्ट्रीय आपदाओं के रूप में अधिसूचित करने की 16वें वित्त आयोग की सिफारिश तथा उसके राजकोषीय प्रभावों की समीक्षा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
16वें वित्त आयोग ने 17 नवंबर 2025 को सौंपी रिपोर्ट में लू और बिजली गिरने को आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत अधिसूचित करने की सिफारिश की। 2018-2022 में गर्मी से 3,798 और केवल 2022 में बिजली गिरने से 2,887 मौतों को देखते हुए आयोग ने 2026-27 से 2030-31 के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) और राज्य आपदा शमन कोष (SDMF) में ₹2,04,401 करोड़ के प्रावधान की सिफारिश की। इससे अत्यधिक गर्मी के प्रति संवेदनशील राजस्थान को लाभ होगा।
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16वें वित्त आयोग ने किन प्राकृतिक घटनाओं को भारत की राष्ट्रीय स्तर पर अधिसूचित आपदाओं की सूची में जोड़ने की सिफारिश की?
व्याख्या · सही उत्तर B16वें वित्त आयोग ने लू और बिजली गिरने को भारत की राष्ट्रीय स्तर पर अधिसूचित आपदाओं की सूची में शामिल करने की सिफारिश की। आयोग से जुड़ी रिपोर्टों में अगले 5 साल के लिए आपदा प्रबंधन हेतु लगभग ₹2.04 लाख करोड़ के आवंटन का भी उल्लेख है, लेकिन इस प्रश्न का सीधा उत्तर लू और बिजली गिरना है।