बिहार के कटिहार जिले में गंगा और महानंदा नदियों के घुमाव से बनी प्राकृतिक ऑक्सबो झील गोगाबील को नवंबर 2025 में भारत का 94वाँ रामसर स्थल घोषित किया गया। लगभग 86.63 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाली गोगाबील झील को 2019 में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत बिहार का पहला सामुदायिक आरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया था। यह झील 30 प्रवासी प्रजातियों सहित 90 से अधिक पक्षी प्रजातियों का आवास है। साथ ही, यह असुरक्षित लेसर एडजुटेंट स्टॉर्क और स्मूद-कोटेड ऊदबिलाव के लिए भी महत्वपूर्ण आवास स्थल है। इस घोषणा के साथ बिहार में अब 6 रामसर स्थल हैं और वह तमिलनाडु व उत्तर प्रदेश के बाद तीसरे स्थान पर है। भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या अप्रैल 2026 में शेखा झील पक्षी अभयारण्य के नामांकन के बाद 99 हो चुकी है।
बिहार की गोगाबील झील भारत की 94वीं रामसर आर्द्रभूमि घोषित
बिहार के कटिहार जिले में गंगा और महानंदा नदियों के घुमाव से बनी प्राकृतिक ऑक्सबो झील — गोगाबील — को नवंबर 2025 में भारत का 94वाँ रामसर स्थल घोषित किया गया। लगभग 86.63 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाली गोगाबील झील को 2019 में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत बिहार का पहला सामुदायिक आरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया था। यह झील 30 प्रवासी प्रजातियों सहित 90 से अधिक पक्षी प्रजातियों का आवास है और असुरक्षित लेसर एडजुटेंट स्टॉर्क तथा स्मूद-कोटेड ऊदबिलाव के लिए महत्वपूर्ण आवास स्थल है। इस नामांकन के साथ बिहार में अब 6 रामसर स्थल हैं और वह तमिलनाडु व उत्तर प्रदेश के बाद तीसरे स्थान पर है। भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या अप्रैल 2026 में शेखा झील पक्षी अभयारण्य के नामांकन के बाद 99 हो चुकी है।
मुख्य तथ्य
- बिहार के कटिहार जिले की गोगाबील झील नवंबर 2025 में भारत की 94वीं रामसर आर्द्रभूमि घोषित हुई।
- यह गंगा और महानंदा नदियों के घुमाव से बनी प्राकृतिक ऑक्सबो झील है।
- 86.63 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली इस झील को 2019 में बिहार का पहला सामुदायिक आरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया था।
- यह झील 30 प्रवासी प्रजातियों सहित पक्षियों की 90+ प्रजातियों और संवेदनशील लेसर एडजुटेंट स्टॉर्क का आवास है।
- बिहार में अब 6 रामसर स्थल हैं — तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के बाद तीसरा स्थान।
- भारत 94 रामसर स्थलों के साथ वैश्विक स्तर पर UK (176) और मेक्सिको (144) के बाद तीसरे स्थान पर है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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नवंबर 2025 में भारत का 94वां रामसर स्थल घोषित गोगाबील झील किस राज्य में स्थित है?
बिहार के कटिहार जिले में स्थित गोगाबील झील गंगा और महानंदा नदियों के मोड़ से बनी एक प्राकृतिक गोखुर झील है; नवंबर 2025 में यह भारत का 94वां रामसर स्थल बनी।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत की 94वीं रामसर आर्द्रभूमि कौन सी है और यह कहाँ स्थित है?
बिहार के कटिहार जिले में स्थित गोगाबील झील को नवंबर 2025 में भारत की 94वीं रामसर आर्द्रभूमि घोषित किया गया। यह गंगा और महानंदा नदियों के घुमाव से बनी प्राकृतिक ऑक्सबो झील है।
गोगाबील झील को पहले कौन सा संरक्षण दर्जा मिला हुआ था?
गोगाबील झील को 2019 में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत बिहार का पहला सामुदायिक आरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया था, जो लगभग 86.63 हेक्टेयर में फैला है।
वन्यजीवों की दृष्टि से गोगाबील झील का क्या महत्व है?
गोगाबील झील 30 प्रवासी प्रजातियों सहित 90 से अधिक पक्षी प्रजातियों का आवास है और संवेदनशील लेसर एडजुटेंट स्टॉर्क व ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क के लिए महत्वपूर्ण आवास स्थल है।
बिहार में अब कितने रामसर स्थल हैं और भारत की वैश्विक स्थिति क्या है?
बिहार में अब 6 रामसर स्थल हैं — तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के बाद तीसरा स्थान। भारत 94 रामसर स्थलों के साथ वैश्विक स्तर पर UK (176) और मेक्सिको (144) के बाद तीसरे स्थान पर है।
रामसर स्थल क्या होता है?
रामसर स्थल वह आर्द्रभूमि है जिसे 1971 में ईरान के रामसर में हस्ताक्षरित रामसर कन्वेंशन के तहत अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि के रूप में नामित किया जाता है। ऐसा नामित होने पर देशों की जिम्मेदारी होती है कि वे इन आर्द्रभूमियों का संरक्षण और सतत उपयोग सुनिश्चित करें।
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