1 फरवरी 2026 को पेश केंद्रीय बजट 2026-27 में रक्षा, स्वास्थ्य और विनिर्माण के लिए व्यापक घोषणाएं की गईं।
रक्षा: रक्षा मंत्रालय को ₹7.85 लाख करोड़ का रिकॉर्ड आवंटन मिला — 2025-26 के बजट अनुमान से 15.19% अधिक — जो कुल केंद्रीय बजट का 14.67% है। रक्षा सेवाओं के लिए पूंजीगत व्यय ₹2,19,306 करोड़ अनुमानित है, 2025-26 के संशोधित अनुमान से 17.6% अधिक।
स्वास्थ्य: बायोफार्मा SHAKTI योजना भारत को वैश्विक बायोफार्मास्युटिकल हब बनाने के लिए शुरू की गई है, जिसके लिए पांच वर्षों में ₹10,000 करोड़ का परिव्यय रखा गया है। इसके तहत तीन नए NIPER स्थापित किए जाएंगे और सात मौजूदा NIPER को उन्नत किया जाएगा। तीन नए AIIMS और तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की घोषणा की गई। स्वास्थ्य, शिक्षा, शोध, AYUSH और चिकित्सा पर्यटन को एकीकृत करते हुए पांच क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र विकसित किए जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय का कुल आवंटन: ₹1,06,530 करोड़ (2025-26 से लगभग 10% अधिक)।
विनिर्माण: बजट में सात रणनीतिक अग्रणी क्षेत्रों — फार्मास्युटिकल, सेमीकंडक्टर, दुर्लभ-मृदा चुम्बक, रसायन, पूंजीगत वस्तुएं, वस्त्र और खेल सामग्री — में विनिर्माण विस्तार पर जोर दिया गया। नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र का आवंटन 30% बढ़कर ₹32,914 करोड़ हुआ।
राजस्थान प्रासंगिकता: राजस्थान में भारत की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा स्थापित क्षमता है; नवीकरणीय ऊर्जा आवंटन में 30% वृद्धि से राज्य स्तरीय सौर और पवन परियोजनाओं को सीधे गति मिलेगी। वस्त्र क्षेत्र पर ध्यान भीलवाड़ा के सिंथेटिक टेक्सटाइल क्लस्टर और जोधपुर के हस्तशिल्प निर्यात को लाभ देता है।
