प्रकाशित: 11 अक्टूबर 2025पर्यावरण
UNEP अनुकूलन गैप रिपोर्ट 2025: विकासशील देशों के लिए वैश्विक जलवायु वित्त की कमी बढ़ी
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने 'रनिंग ऑन एम्प्टी' शीर्षक से अनुकूलन गैप रिपोर्ट 2025 जारी की। यह रिपोर्ट चेतावनी देती है कि विकासशील देशों में जलवायु अनुकूलन के लिए वैश्विक वित्तीय अंतर बहुत तेजी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, विकासशील देशों में वार्षिक अनुकूलन लागत 2030 तक 300-500 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकती है।
विकासशील देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक अनुकूलन वित्त 2023 में 26 अरब अमेरिकी डॉलर था, जो आवश्यकता से बहुत कम है। रिपोर्ट अनुकूलन वित्त में भारी बढ़ोतरी, राष्ट्रीय योजना में जलवायु जोखिमों को शामिल करने और प्रकृति-आधारित समाधानों पर जोर देती है। भारत ने विकसित देशों से पेरिस समझौते के तहत जलवायु वित्त प्रतिबद्धताएं पूरी करने पर बल दिया है।
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UNEP की अनुकूलन अंतराल रिपोर्ट 2025 के अनुसार, 2035 तक विकासशील देशों की अनुमानित वार्षिक अनुकूलन वित्त जरूरतों/लागतों को कौन-सी सीमा सबसे ठीक दिखाती है?
व्याख्या · सही उत्तर CUNEP की अनुकूलन अंतराल रिपोर्ट 2025 के अनुसार विकासशील देशों में अनुकूलन वित्त की जरूरत/लागत 2035 तक मॉडल-आधारित अनुमान में लगभग 310 अरब डॉलर प्रति वर्ष और राष्ट्रीय जलवायु प्रतिज्ञाओं तथा राष्ट्रीय अनुकूलन योजनाओं से निकाले गए अनुमान में लगभग 365 अरब डॉलर प्रति वर्ष हो सकती है। इसलिए दिए गए विकल्पों में 300-500 अरब डॉलर की सीमा सबसे उपयुक्त है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
UNEP एडेप्टेशन गैप रिपोर्ट 2025 में विकासशील देशों के लिए जलवायु वित्त के बारे में क्या कहा गया है?
**UNEP एडेप्टेशन गैप रिपोर्ट 2025** ने खुलासा किया कि विकासशील देशों के लिए **वैश्विक जलवायु वित्त अंतराल काफी बढ़ गया है**। विकासशील देशों को जलवायु प्रभावों के खिलाफ लचीलापन बनाने के लिए **सालाना खरबों डॉलर** की जरूरत है, लेकिन वर्तमान प्रवाह उसका एक अंश ही है।
UNEP एडेप्टेशन गैप रिपोर्ट क्या है और 2025 संस्करण कब जारी हुआ?
**UNEP एडेप्टेशन गैप रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम का एक वार्षिक प्रकाशन है** जो जलवायु परिवर्तन अनुकूलन पर वैश्विक प्रगति को ट्रैक करता है। 2025 संस्करण ने **अनुकूलन के लिए विकासशील देशों की जरूरत और विकसित देशों से प्राप्त जलवायु वित्त के बीच बढ़ते अंतराल** को उजागर किया।
जलवायु अनुकूलन वित्त क्या है और UNEP 2025 के अनुसार अंतराल क्यों बढ़ रहा है?
**जलवायु अनुकूलन वित्त देशों को जलवायु परिवर्तन के वर्तमान और भविष्य के प्रभावों से निपटने में मदद करने के लिए धन** को संदर्भित करता है। UNEP 2025 के अनुसार, **विकसित देशों की प्रतिबद्धताएं बढ़ते जलवायु प्रभावों और विकासशील देशों में बढ़ती लागतों के साथ कदम नहीं मिला पा रही हैं**, इसलिए अंतराल बढ़ रहा है।
UNEP 2025 रिपोर्ट के अनुसार किन देशों को जलवायु अनुकूलन की सबसे बड़ी चुनौतियों का सामना है?
UNEP एडेप्टेशन गैप रिपोर्ट 2025 के अनुसार, **अल्पविकसित देश (LDCs), छोटे द्वीप विकासशील राज्य (SIDS) और अफ्रीकी देशों** को सबसे गंभीर जलवायु अनुकूलन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ये देश **समुद्र स्तर वृद्धि, अत्यधिक मौसम और खाद्य असुरक्षा के प्रति सबसे संवेदनशील** हैं।
UNEP एडेप्टेशन गैप रिपोर्ट 2025 में क्या नीतिगत सिफारिशें की गई हैं?
UNEP एडेप्टेशन गैप रिपोर्ट 2025 **अनुकूलन वित्त, हानि और क्षति तंत्र, और बहुपक्षीय जलवायु कोष सुधारों को तत्काल बढ़ाने** का आह्वान करती है। यह सिफारिश करती है कि **विकसित देश अपनी $100 अरब वार्षिक जलवायु वित्त प्रतिज्ञा पूरी करें** और शमन की बजाय अनुकूलन पर अधिक हिस्सा निर्देशित करें।