प्रकाशित: 19 मार्च 2026KrishiCode / AgroSpectrumराजस्थान
राजस्थान ने IORA इकोलॉजिकल सोल्यूशंस के साथ किसानों के लिए कार्बन क्रेडिट पायलट शुरू किया
20 मार्च 2026 के आसपास राजस्थान कृषि विभाग ने IORA इकोलॉजिकल सोल्यूशंस के साथ राज्य के किसानों के लिए कार्बन क्रेडिट पायलट परियोजना शुरू करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस पहल का उद्देश्य कृषि भूमि प्रबंधन से जुड़ी कार्बन परियोजना तैयार करना है, जिससे किसान कवर क्रॉपिंग, न्यूनतम जुताई, कृषि वानिकी और कार्बनिक पदार्थ बढ़ाने जैसी टिकाऊ कृषि पद्धतियों के ज़रिए कार्बन संचित कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें। इस पहल को राजस्थान कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने रेखांकित किया।
वर्तमान में स्वैच्छिक कार्बन बाजारों में कार्बन क्रेडिट की कीमत $32–38 प्रति टन है, जिससे किसान अतिरिक्त आय कमा सकते हैं। केंद्रीय बजट 2026 ने किसानों के लिए राष्ट्रीय कार्बन क्रेडिट कार्यक्रम के लिए ₹20,000 करोड़ आवंटित किए थे, और यह राजस्थान पायलट उस राष्ट्रीय ढांचे के अनुरूप है। राजस्थान में लगभग 75 लाख किसान परिवार हैं और मरुस्थलीकरण, भूमि क्षरण तथा अनियमित वर्षा की गंभीर चुनौतियों का सामना है। यह पहल पेरिस समझौते के तहत भारत की NDC प्रतिबद्धताओं के अनुरूप भी है।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
मार्च 2026 में राजस्थान कृषि विभाग और IORA Ecological Solutions के समझौते का महत्व सबसे सही रूप में कौन-सा कथन बताता है?
व्याख्या · सही उत्तर Bविकल्प B सही है। राजस्थान कृषि विभाग ने IORA Ecological Solutions के साथ कृषि भूमि प्रबंधन कार्बन परियोजना शुरू करने के लिए समझौता किया। इस पायलट परियोजना का उद्देश्य किसानों को पौधरोपण, सूक्ष्म सिंचाई, फार्म तालाब, सौर पंप, उर्वरक प्रबंधन, सिंचाई दक्षता और मिट्टी में कार्बन बढ़ाने जैसी उत्सर्जन घटाने वाली गतिविधियों से कार्बन वित्त दिलाना है। विकल्प A, C और D इसे क्रमशः जैविक प्रमाणन, PM-KISAN आय सहायता और निर्यात विशेष आर्थिक क्षेत्र से गलत तरीके से जोड़ते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मार्च 2026 में राजस्थान ने कार्बन क्रेडिट से जुड़ा कौन-सा MoU किया?
20 मार्च 2026 को राजस्थान कृषि विभाग ने IORA इकोलॉजिकल सोल्यूशंस के साथ Agricultural Land Management Carbon Project के लिए MoU किया। इसमें टिकाऊ मृदा एवं फसल प्रबंधन अपनाने पर किसान कार्बन क्रेडिट कमा सकते हैं।
किसान इस परियोजना में कार्बन क्रेडिट कैसे कमाएँगे?
किसान टिकाऊ कृषि पद्धतियाँ अपनाकर — जैसे मृदा प्रबंधन, फसल चक्र या संरक्षण जुताई — कार्बन क्रेडिट अर्जित करेंगे। इन पद्धतियों से खेत की मिट्टी में कार्बन का अवशोषण बढ़ता है या ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन घटता है।
यह पायलट केंद्रीय बजट 2026 से कैसे जुड़ा है?
यह पायलट केंद्रीय बजट 2026 के ₹20,000 करोड़ के राष्ट्रीय कार्बन क्रेडिट कार्यक्रम के अनुरूप है। कार्यक्रम का उद्देश्य हरित कृषि को प्रोत्साहित करना और पूरे भारत में कृषि के लिए औपचारिक कार्बन बाजार बनाना है।
किसानों को कार्बन क्रेडिट से क्या आर्थिक फायदा होगा?
किसान अर्जित कार्बन क्रेडिट को स्वैच्छिक कार्बन बाजारों में बेच सकते हैं। इससे फसल आय के अलावा अतिरिक्त आमदनी मिलेगी, जो शुष्क राजस्थान के छोटे और सीमांत किसानों के लिए खासतौर पर फायदेमंद होगी।
यह पायलट राजस्थान के लिए खास तौर पर क्यों महत्वपूर्ण है?
राजस्थान भारत के सबसे बड़े शुष्क क्षेत्र वाले कृषि राज्यों में से एक है; यहाँ टिकाऊ मृदा प्रबंधन से कार्बन अवशोषण की अपार संभावना है। इस क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनना राजस्थान को उभरती हरित कृषि अर्थव्यवस्था में रणनीतिक बढ़त देता है।