10 दिसंबर 2025 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 1948 में मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा (UDHR) को अपनाए जाने की 77वीं वर्षगांठ मनाई गई। मानवाधिकार दिवस 2025 दुनिया भर में UN के विषय 'हमारे अधिकार, हमारा भविष्य, अभी' पर मनाया गया। इसमें संरचनात्मक असमानता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में डिजिटल अधिकारों की रक्षा और कमजोर समुदायों के लिए जलवायु न्याय पर ध्यान केंद्रित किया गया। भारत में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने हिरासत में मौत, बंधुआ मजदूरी, आदिवासी विस्थापन और डिजिटल गोपनीयता सहित विभिन्न क्षेत्रों में मानवाधिकारों की स्थिति पर कार्यक्रम आयोजित किए। NHRC के आँकड़ों के अनुसार राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार मानवाधिकार शिकायतों की सबसे अधिक संख्या वाले राज्य थे। नागरिक समाज संगठनों ने इंटरनेट बंदी तथा दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर चिंताएँ उठाईं। इस दिन UNHRC में भारत की भूमिका और CEDAW, CRC जैसी अभिसमयों के तहत उसकी प्रतिबद्धताओं पर भी ध्यान गया।
मानवाधिकार दिवस 2025 (10 दिसंबर): भारत ने मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा की 77वीं वर्षगांठ मनाई; असमानता, डिजिटल अधिकार और जलवायु न्याय पर ध्यान
10 दिसंबर 2025 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 1948 में मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा (UDHR) को अपनाने की 77वीं वर्षगांठ मनाई गई। मानवाधिकार दिवस 2025 दुनिया भर में UN के विषय 'हमारे अधिकार, हमारा भविष्य, अभी' पर मनाया गया, जिसमें संरचनात्मक असमानता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में डिजिटल अधिकारों की रक्षा और कमजोर समुदायों के लिए जलवायु न्याय पर ध्यान केंद्रित था। भारत में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने हिरासत में मौत, बंधुआ मजदूरी, आदिवासी विस्थापन और डिजिटल गोपनीयता सहित विभिन्न क्षेत्रों में मानवाधिकारों की स्थिति पर कार्यक्रम आयोजित किए। NHRC के आँकड़ों में राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार सबसे अधिक मानवाधिकार शिकायतों वाले राज्य थे। नागरिक समाज संगठनों ने इंटरनेट बंद, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर चिंताएँ उठाईं। इस दिन UNHRC में भारत की भूमिका और CEDAW, CRC जैसी अभिसमयों के तहत प्रतिबद्धताओं पर भी ध्यान गया।
मुख्य तथ्य
- मानवाधिकार दिवस 2025 1948 में अपनाई गई UDHR की 77वीं वर्षगांठ के रूप में मनाया गया।
- UN का विषय 'हमारे अधिकार, हमारा भविष्य, अभी' था, जो असमानता और डिजिटल अधिकारों पर केंद्रित था।
- NHRC के डेटा से पता चलता है कि मानवाधिकार शिकायतों में राजस्थान, UP और बिहार शीर्ष पर हैं।
- भारत संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में निर्वाचित सदस्य है।
- नागरिक समाज ने इंटरनेट शटडाउन और नागरिक स्वतंत्रताओं के घटते दायरे पर चिंता जताई।
- भारत ने CEDAW और CRC का अनुमोदन किया है, लेकिन यातना निषेध कन्वेंशन का अनुमोदन नहीं किया है।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
- RAS 2024 राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य की नियुक्ति, त्यागपत्र और हटाए जाने के क्या प्रावधान हैं? — मानवाधिकार दिवस का एनएचआरसी एवं राज्यों में शिकायत आंकड़ों पर ज़ोर प्रश्न-पत्र में पूछे गए मानवाधिकार आयोगों के सांविधिक ढांचे को प्रत्यक्ष रूप से पुष्ट करता है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत के लिए मानवाधिकार दिवस 2025 की समकालीन प्रासंगिकता पर चर्चा कीजिए, एनएचआरसी आँकड़ा प्रवृत्तियों को डिजिटल अधिकार एवं जलवायु न्याय संबंधी उभरती चिंताओं से जोड़ते हुए।
उत्तर (50 शब्द):
10 दिसंबर 2025 को संयुक्त राष्ट्र के विषय ‘हमारे अधिकार, हमारा भविष्य, अभी’ के तहत मानवाधिकार की सार्वभौम घोषणा की 77वीं वर्षगाँठ मनाई गई। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के आँकड़ों में राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं बिहार से सर्वाधिक शिकायतें दिखती हैं। उभरती चिंताओं में AI-युग के डिजिटल अधिकार, जलवायु न्याय, हिरासत-मृत्यु, इंटरनेट बंदी तथा CEDAW, CRC एवं UNHRC प्रतिबद्धताएँ शामिल हैं।
इस विषय की स्थिर तैयारी
इस खबर के पीछे का स्थायी सिलेबस पढ़ें।
6-अक्ष वर्गीकरण
यह टॉपिक में दिखता है
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
मानवाधिकार दिवस 2025 (10 दिसंबर) और मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा के संबंध में कौन सा कथन सही है?
10 दिसंबर 2025 को मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा की 77वीं वर्षगांठ थी, जिसे संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 10 दिसंबर 1948 को घोषित किया था।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा (UDHR) कब अपनाई गई थी और मानवाधिकार दिवस 2025 पर कौन सी वर्षगांठ मनाई गई?
UDHR को 10 दिसंबर 1948 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अपनाया था। मानवाधिकार दिवस 2025 पर इसकी 77वीं वर्षगांठ मनाई गई।
मानवाधिकार दिवस 2025 के लिए UN का विषय क्या था?
मानवाधिकार दिवस 2025 के लिए UN का विषय 'हमारे अधिकार, हमारा भविष्य, अभी' था, जो संरचनात्मक असमानता, AI के युग में डिजिटल अधिकारों की रक्षा और कमजोर समुदायों के लिए जलवायु न्याय पर केंद्रित था।
मानवाधिकार शिकायतों में कौन से भारतीय राज्य NHRC सूची में शीर्ष पर हैं?
NHRC डेटा के अनुसार, मानवाधिकार शिकायतों में राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार शीर्ष पर हैं।
यातना निषेध कन्वेंशन के संदर्भ में भारत की स्थिति क्या है?
भारत ने CEDAW और CRC जैसे अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय दस्तावेजों का अनुमोदन किया है, लेकिन यातना निषेध कन्वेंशन का अनुमोदन नहीं किया है।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भारत की क्या भूमिका है?
भारत संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद का निर्वाचित सदस्य है, जो अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार व्यवस्था में उसकी सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।
प्रतिक्रिया भेजें