24 नवंबर 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में न्यायमूर्ति सूर्यकांत को भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ दिलाई। वे न्यायमूर्ति बी.आर. गवई के उत्तराधिकारी हैं और 9 फरवरी 2027 तक — लगभग 14 महीने — पद पर रहेंगे। शपथ समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला तथा वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री उपस्थित थे। ऐतिहासिक रूप से पहली बार सात देशों — ब्राजील, भूटान, केन्या, मलेशिया, मॉरीशस, नेपाल और श्रीलंका — के मुख्य न्यायाधीशों ने समारोह में भाग लिया, जो CJI शपथ समारोह में अब तक का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय न्यायिक प्रतिनिधिमंडल है। हरियाणा में जन्मे न्यायमूर्ति सूर्यकांत पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय में न्यायाधीश, फिर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रहे और 2019 में सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्त हुए। वे चुनावी बॉन्ड, बुलडोजर न्याय विवाद और वन संरक्षण पर ऐतिहासिक फैसलों के लिए जाने जाते हैं।